समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में खानपान की गलत आदतों के कारण ज्यादातर लोगों को कब्ज की शिकायत होती है। सुबह के समय नाश्ता न करने वाले, दोपहर में हल्का लंच लेने वाले और रात के समय देर से खाना खाने वाले लोगों को तो अक्सर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। कब्ज से मुक्ति के लिए उन्हें कई तरह के उपाय करने पड़ते हैं। सुबह के समय 5-6 गिलास गर्म पानी पीने से बावजूद उन्हें अपच की समस्या बनी रहती है, जिसके कारण उनकी कार्यशैली पर भी नकारात्मक असर पड़ता है जो लोग कब्ज के कब्जे से मुक्ति पाने के लिए दवाइयां लेते हैं या कोई और उपाय अपनाते हैं उससे उनके शरीर में पानी की प्राकतिक मात्रा असंतुलित होने लगती है और धीरे-धीरे शरीर में दुर्बलता आने लगती है। लगातार दवाइयों के सेवन से आंतों की कुदरती गतिशीलता में भी रूकावट आती है। धीरे – धीरे ऐसी स्थिति आ जाती है कि कब्ज दूर करने वाली दवाइयांे के उपयोग से उनके घुटने सुन्न हो जाते हैं, नींद कम आती है, आलस्य बना रहता है। इसके अलावा शरीर में वायु का बढ़ना, ज्यादा हिचकियां आना जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। जो लोग कब्ज दूर करने के लिए जुलाब लेते हैं, उन्हें और कई तरह की समस्याएं अपने घेरे में ले लेती हैं। इससे वे कभी मुक्त नहीं हो पाते। ऐसे में सवाल है कि क्या किया जाए कि कब्ज से भी छुटकारा मिल जाये और दवाइयों के साइट इफेक्ट को भी न झेलना पड़े। इसके लिए कुछ घरेलु उपाय आजमाएं जाने चाहिए मसलन : –अपने भोजन में रेशेदार खाद्य पदार्थों को स्थान दें। मांस और अंडों में रेशों की मौजूदगी नहीं हाती। इनके सेवन से शरीर में कब्ज पैदा होती है।
-रात के समय तांबे के बर्तन में पानी रखकर सोयंे और सुबह उठकर उस पानी को पीयें। शुरूआती दौर में एक गिलास रोज सुबह उठकर ऐसा पानी पियें। बाद में धीरे-धीरे इस पानी की मात्रा को बढ़ाते जायें।
-दिनभर हर समय कुछ न कुछ खाने से बचें। आंतों के निरंतर क्रियाशील रहने से वे कमजोर होती हैं। इसके अलावा दिनभर खाते रहने से मुंह में पैदा होने वाली लार की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है।
दिन भर हर समय कुछ न कुछ खाने से बचें। आंतों के निरंतर क्रियाशील रहने से वे कमजोर होती हैं। इसके अलावा दिनभर खाते रहने से मुंह में पैदा होने वाली लार की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है।
-पान मसाले का उपयोग कब्ज को बढ़ा देता है, क्योंकि पान मसाला खाने वाले लोग पूरा दिन मुंह चलाते रहते हैं। बार-बार चाय कॉफी सॉफ्टड्रिंक पीने से भी कब्ज पैदा होती है।
-फास्ट फूड की श्रेणी में आने वाले खाद्य पदार्थों में विटामिन, खनिज तत्वों और फाइबर का अभाव होता है। इनमें वसा, शुगर तथा सोडियम की ज्यादा मात्रा होती है जो शरीर में कब्ज को बढ़ावा देती है।
-आहर विशेषज्ञों का मानना हे कि शाकाहार उत्तम स्वास्थ्य का मूल मंत्र है। अपने भोजन में फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।
-हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों में रेशे काफी मात्रा में होते हैं। कब्ज में कच्चे पपीते की सब्जी फायदेमंद होती है, जिसमें पेप्सीन एवं पपेन नामक पाचक इंजाइम पाये जाते हैं।


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