हवलदार माधो सिंह ने दिया था दुश्मन को करारा जवाब

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समाचार सच, हल्द्वानी। हवलदार माधो सिंह का जन्म जनपद अल्मोड़ा के ग्राम पुना पोखरी, पोस्ट भनोली निवासी स्वर्गीय चतुर सिंह जी के यहाँ 28 अगस्त 1926 को हुआ था। बाराकोट जूनियर हाई स्कूल से हाई स्कूल उत्तीर्ण करते ही 28 अगस्त 1946 को कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हो गए। अपनी पढ़ाई-लिखाई, योग्यता और कोर्स के बल पर वे जल्दी ही हवलदार के पद पर पदोन्नत हो गए और उन्हें पलटन की अग्रिम चौकी पर पोस्ट कमांडर की जिम्मेदारी दी गई।

दिनांक 15 सितंबर 1964 को दुश्मन ने अचानक उनकी पोस्ट पर भारी फायरिंग व गोलीबारी कर दी। हवलदार माधो सिंह ने अपनी टुकड़ी को सैन्य तरीके से व्यवस्थित किया और दुश्मन को करारा जवाब दिया। इस कार्यवाही के दौरान हवलदार माधो सिंह बुरी तरह से घायल हुए और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए।

उनकी वीर नारी श्रीमती कलावती देवी हल्द्वानी के हरिपुर नायक में निवास करती हैं। मेजर बी एस रौतेला ने बताया कि उन्हें जितनी पेंशन देय थी उसके एक तिहाई का ही भुगतान किया जा रहा था। इस पर सैनिक कल्याण ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें सही पेंशन मिलने लगी। उन्हें सदैव ये एहसास रहता है कि उनके पति ने भारत माता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है जो सब के भाग्य में नहीं होता है।

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समाचार सच परिवार शहीद हवलदार माधो सिंह की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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