समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। कई लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्या रहती है जिसकी वजह से वो बहुत परेशान रहते हैं। कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण ऐसा हो सकता है। कई लोगों को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से वो किसी लंबे टूर पर भी नहीं जा पाते हैं। वहीं ऑफिस दूर होने पर घर पहुंचने तक पेशाब को रोक पाना भी इन लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी बार-बार पेशाब आने की समस्या से परेशान हैं तो आपको बता दें कि बार-बार पेशाब आने के घरेलू उपाय आपको राहत दिला सकते हैं।
बार-बार पेशाब आने के कारण
बहुत ज्यादा शराब या कैफीन के सेवन, किडनी प्रॉब्लम, मूत्राशय में समस्या, डायबिटीज मेलिटस, प्रेग्नेंसी, चिंता, मूत्रवर्द्धक दवाओं, स्ट्रोक, मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र से संबंधित स्थितियां, मूत्र मार्ग में संक्रमण, पेल्विक हिस्से में ट्यूमर, ओवरएक्टिव ब्लैडर सिंड्रोम, मूत्राशय कैंसर, किडनी या मूत्राशय में पथरी, पेशाब न रोक पाना, पेल्विक हिस्से में रेडिएशन जैसी ट्रीटमेंट लेना और क्लैमेडिया जैसे यौन संक्रमित रोग की वजह से बार-बार पेशाब आ सकता है।
पेशाब में जलन दर्द क्यों होता है –
पेशाब करते समय दर्द और जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई), किसी दवा के सेवन के कारण (जैसे कीमोथेरेपी की दवा), ओवरी में सिस्ट या गुर्दे में पथरी, योनि में संक्रमण, किसी केमिकल, यौन रूप से संक्रामित संक्रमण, पेल्विक हिस्से में रेडिएशन थेरेपी लेने, यूरीनरी कैथेटर।
पेशाब में जलन के घरेलू उपाय
पानी की कमी और प्रोस्टेट ग्रंथि में संक्रमण के कारण भी पेशाब में दर्द हो सकता है लेकिन पेशाब में दर्द और जलन के घरेलू उपचार की मदद से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। कुछ घरेलू नुस्खे डिस्युरिया से छुटकारा दिलाने में असरकारी होते हैं। आइए जानते हैं पेशाब में दर्द के उपाय के बारे में। रात में बार-बार यूरिन आता है तो ध्यान दें
पेशाब में दर्द का इलाज है नींबू
पेशाब करने के दौरान जलन या दर्द की समस्या को दूर करने के लिए एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें एक नींबू निचोड़ने के बाद एक चम्मच शहद डालकर मिक्स कर लें। इस पानी को रोज खाली पेट पीने से राहत मिलेगी।
पेशाब में जलन से छुटकारा दिलाएगा खीरा
आप रोज सुबह एक कप खीरे के जूस में एक चम्मच शहद और एक नींबू का रस डालकर पीएं। ये मिश्रण आपको दिन में दो बार पीना है और दिनभर में दो से तीन खीरे खाना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
पेशाब की जलन का घरेलू उपचार है सेब का सिरका
सेब के सिरके का जो घरेलू नुस्खा हम आपको बता रहे हैं आपको उसका इस्तेमाल दिन में दो बार करना है। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद डालकर पी लें। सेब के सिरके में बैक्टीरिया-रोधी और फंगल-रोधी गुण होते हैं जो के पेशाब की जलन को दूर करने में मदद करते हैं।
पेशाब की जलन दूर करने का उपाय पानी
जैसा कि हमने पहले भी बताया कि पानी की कमी के कारण डिस्युरिया की प्रॉब्लम हो जाती है इसलिए दिनभर में खूब पानी पीएं। पानी पीने से शरीर से बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थ अपने आप निकल जाते हैं। पानी से युक्त फल और सब्जियों का सेवन भी फायदेमंद रहता है।
पेशाब में जलन होने का घरेलू उपचार है दही
दही के सेवन से शरीर से खराब बैक्टीरिया निकल जाता है और स्वस्थ बैक्टीरिया बनता है। रोज एक या दो कटोरी दही खाएं। महिलाएं टैम्पोन को दही में डुबोकर एक से दो घंटे के लिए योनि में लगाकर रखें। आपको ऐसा दिन में दो बार करना है।
पेशाब की जलन दूर करने का तरीका और टिप्स
-पेशाब करने पर जलन हो तो रोज नारियल पानी का सेवन करें। महिलाएं अपने निजी अंगों को साफ रखें। कैफीन और ज्घ्यादा मसालेदार खाना न खाएं। विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन ज्यादा करें और शराब एवं धूम्रपान से दूर रहें। पेशाब को ज्यादा देर तक रोक कर न रखें।
बार-बार पेशाब आने के लक्षण
पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब में खून या अजीब रंग आना, पेशाब न रोक पाना या मूत्राशय का धीरे-धीरे कमजोर होना, पेशाब करने की इच्छा होना लेकिन पेशाब करने में दिक्कत आना, वजाइना या पेनिस से डिस्चार्ज होना, प्यास और भूख बढ़ना, बुखार, ठंड लगना, उल्टी, मतली और पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
बार बार पेशाब आने का घरेलू उपचार है-
बेकिंग सोड़ा
ये एलकेलाइन होता है जो बार-बार पेशाब आने के लक्षणों को कम करता है और जिन स्थितियों के कारण ये समस्या होती है, उन्हें भी ठीक करता है। एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा डालकर पी लें। दिन में एक बार इस पानी को पीने से फायदा होगा।
बार बार पेशाब आने का घरेलू नुस्खा है
तुलसी
तुलसी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालती है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण यूटीआई के इलाज में मददगार होते हैं। आपको बता दें कि यूटीआई बार-बार पेशाब आने का प्रमुख कारण होता है। 5 से 7 तुलसी की पत्तियां लें और उन्हें पीसकर रस निकाल लें। अब इस रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पी लें। रोज सुबह खाली पेट ये उपाय करने से लाभ होगा।
अपेंडिक्स का घरेलू उपचार है छाछ
छाछ पाचन में सुधार कर किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने के लिए प्रोबायेटिक बनाती है। दिन में एक बार एक लीटर छाछ जरूर पिएं। आप छाछ में जीरा, अदरक, पुदीना भी मिलाकर पी सकते हैं।
अपेंडिक्स रोग का इलाज है लहसुन
लहसुन में सूजन-रोधी और माइक्रोबियल-रोधी गुण होते हैं। इसके सूजन-रोधी गुण दर्द को कम कर सकते हैं जबकि माइक्रोबियल-रोधी तत्व हानिकारक बैक्टीरिया, फंगस, वायरस और परजीवियों को खत्म कर सकते हैं। लहसुन की एक-दो कलियां लें और उन्हें कूटकर पानी के साथ निगल लें।


सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


