कुमांऊ मण्डल में आपदा से प्राथमिक आंकलन में दो हजार करोड़ नुकसान का आंकलन : मण्डलायुक्त सुशील कुमार

खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। मण्डलायुक्त सुशील कुमार ने आयुक्त ने बताया कि पूरे मण्डल में आपदा से प्राथमिक आंकलन में सार्वजनिक सम्पत्तियों को 2000 करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है। फसलों के नुकसान का आंकलन गतिमान है। प्रत्येक जिलाधिकारी को आपदा से निपटने हेतु 10 करोड़ की धनराशि उनके निवर्तन में अवमुक्त की गयी है व आवश्यकता पड़ने पर 10 करोड़ की धनराशि और मांगने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि गोला पुल के शीघ्रता से निर्माण हेतु जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने एनएचएआई को उपखनिज निकालने की स्वीकृति जारी कर दी गयी है।

Ad

मण्डलायुक्त शुक्रवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मण्डल में दैवीय आपदा में 61 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 4 व्यक्ति अभी भी लापता है, जिनकी खोजबीन जारी है। जनपद नैनीताल में 34, अल्मोड़ा में 6, चम्पावत में 11, बागेश्वर में 5, पिथौरागढ़ में 4 व उधम सिंह गनर में 1 व्यक्ति की आपदा से मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्यों के मृतकों के शवों को उनके घरों को भेजने हेतु सम्बन्धित राज्य सरकारों से वार्ता हुई है, अभी तक बाहरी राज्यों के 5 व्यक्तियों के शवों को उनके घरों को भेजा गया है।

यह भी पढ़ें -   केंद्रीय कर्मचारियों के लिये खुशखबरी, हो सकता है इस माह 18 महीने के बकाया एरियर पर फैसला, ट्रांसफर होंगे खाते में 2 लाख रुपये

उन्होंने बताया कि अब तक 36 बीमार एवं घायल व्यक्तियों को उपचार हेतु विभिन्न चिकित्सालयों में भेजा गया है। आपदा के दौरान 17 से 21 अक्टूबर तक मण्डल में वायु सेना के 7 व एक प्राईवेट हैलीकॉप्टर के माध्यम से 100 लोगो को दूरस्थ क्षेत्र गुंजी, जौली गांव, तेदांग, पिण्डारी से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुॅचाया गया है। इसी तरह जिला प्रशासन, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, सेना के जवानों द्वारा 816 लोगों का रेस्क्यू किया गया तथा विभिन्न सड़क मार्गों में फंसे 8315 लोगो, विभिन्न स्थानों पर फंसे 7880 पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। रेस्क्यू में एनडीआरएफ की 12, एसडीआरएफ की 10 टीमे, 1500 पुलिस के जवान, तीन यूनिट सेेना जिसमें डोगरा, जैक्लाई व एयर ऑपरेशन टीमे शामिल हैं। आयुक्त श्री सुशील ने बताया कि मण्डल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में 15000 खाद्य किट वितरित किये गये हैं जबकि उधम सिंह नगर में 15 स्थानों पर लंगर चलाया जा रहा है जिसमें प्रभावितों को दो वक्त का भोजन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामनगर के अलावा सभी जगह पेयजल सुचारू कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग खैरना-अल्मोड़ा, टनकपुर-चम्पावत मार्ग अभी बन्द हैं जिन्हें खोलने के लिए त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है, बाकि सारे एनएच खोल दिये गये है।

यह भी पढ़ें -   महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पे पांच लाख

उन्होंने बताया कि राज्य मार्ग भवाली-रामगढ़-क्वारब तथा भवाली-रामगढ़-शहरफाटक मार्ग खोल दिया गया है, जिससे पहाड़ी जनपदों का यातायात सुचारू हो गया है। आयुक्त ने बताया कि मण्डल में खाद्यान्न स्टेजिंग एरिया हल्द्वानी मण्डी में स्थापित कर दिया गया है, जहॉ से मण्डल के सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मांग के अनुसार खाद्य आपूर्ति प्रारंभ कर दी गयी है। शुक्रवार की प्रातः हैलीकॉप्टर के माध्यम से दूध, सब्जी, पानी, बिस्किट आदि कौश्याकुटोली हेतु भेजा गया, खाद्य सामाग्री-चावल, आटा, दाल, चीनी, मिल्क पाउडर, तेल, मसाले आदि सामाग्री के साथ ही कम्बल वाहनों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।

Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *