सोंठ का इस्तेमाल आप किन-किन समस्याओं में और किस तरह से कर सकते हैं, जाने

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In which problems and how you can use dry ginger, know

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सूखी अदरक या सोंठ का इस्तेमाल कई तरह की घरेलू दवा बनाने या भोजन में अलग स्वाद के लिए किया जाता है। सोंठ का इस्तेमाल आप किन-किन समस्याओं में और किस तरह से कर सकते हैं, जानने के लिए जरूर पढ़ें, सोंठ के स्वास्थ्य लाभ –

  1. जोड़ों के दर्द में सूखी अदरक, जिसे हम सोंठ कहते हैं, काफी लाभदायक होती है। सोंठ, जायफल को पीसकर तिल के तिल के में डालकर, उसमें भीगी हुई पट्टी जोड़ों पर लगाने से आराम मिल सकता है। इसके अलावा उबले हुए पानी के साथ शहद और अदरक पाउडर को पीने से गठिया में लाभ होता है।
  2. सोंठ, हींग और काला नमक मिलाकर लेने से गैस की समस्या में लाभ होता है। पिसी हुई सोंठ और कैरम के बीजों को नींबू के रस में भिगोकर छाया में सुखाकर प्रतिदिन सुबह लेने से गैस और पेडू के दर्द में आराम मिलता है।
  3. यह पाचनक्रिया को दुरूस्त कर वजन कम करने में भी मदद करता है। इसके अलावा यह रक्त में मौजूद शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर, वसा को सक्रिय करता है।
  4. अदरक में थर्माेजेनिक एजेंट नामक तत्व होता है जो वसा को जलाने में मदद करता है, जिससे वजन आसानी से कम होता है। गरम पानी के साथ इसका सेवन मोटापे को कम करने में सहायक है।
    5 यह पसीने को निकालने में सहायक है, जिससे शरीर का तापमान कम हो सकता है और शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे बुखार में भी आराम मिलता है। शहद के साथ इसे खाने से बुखार कम होता है।
  5. पेट दर्द, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में इसे पीसकर हींग और सेंधा नमक के साथ लेने से आाम मिलता है। इसके अलावा इसे पानी के साथ उबालकर बार-बार पीने से डायरिया में काफी लाभ मिलता है।
  6. सोंठ को दूध में उबालकर, ठंडा करके पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। पसलियों में दर्द होने पर इसे पानी में उबालकर ठंडा कर दिन में कम से कम चार बार पीने से लाभ होता है।
  7. लकवे के प्रभाव को कम करने के लिये सूखी अदरक का पाउडर, जिगरी और गर्म मसूर की दाल को मिलाकर खाने से फायदा होता है। इसके अलावा लहसुन, सूखी अदरख और पानी का लेप बनाकर लगाने से भी काफी लाभ होता है।
  8. सिरदर्द, माइग्रेन, गर्दन और शरीर का दर्द होने पर सूखी अदरक और पानी का लेप बनाकर लगाने से आराम मिलता है। इसे सूंघने से छींक आने पर भी सिघ्र दर्द को आराम पहुंचाता है।
  9. जी मचलाने, ठण्ड में पसीना आने, चक्कर आने और उल्टी आने जैसी समस्याओं को कम करने में यह बेहद फायदेमंद है। यह गर्भवती महिलाओं की समस्याओं को कुछ हद तक कम करने में सहायक है।
  10. इसमें कैंसररोधी गुण भी मौजूद होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इसके अलावा गर्भाशय के कैंसर की संभावनाओं को कम करने में भी यह फायदेमंद है।
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