‘कलयुगी’ ने किया स्वरचित कविता का पाठ

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समाचार सच, हल्द्वानी। 15 अगस्त के शुभअवसर पर कवि भूपाल सिंह बिष्ट ‘कलयुगी’ ने स्वरचित कविता का पाठ किया। जिसमें उन्होंने भारत के स्वतन्त्रता दिवस को अपनी कविता के माध्यम से बखूबी पेश किया है।
सैकड़ों सालों की गुलामी के बाद आजादी का दिवस है 15 अगस्त,
9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नारा दिया। जिसने एक महान क्रांति को जन्म दिया और वीर सपूतों ने गुलामी की बेड़ियां काट डाली, किया अंग्रेजी राज का सूरज अस्त, आजादी का दिवस है 15 अगस्त,
हमें आजाद हुए होगे आज तिहत्तर साल जहां बिजली, पानी, सड़क नहीं थी आज भी ऐसे गांव थे बदहाल मोदी के आने से गांवों की सूरत और सीरत दोनों आज बदल गई जिसे है 130 करोड़..
भारतवासियों की चिंता सच्चे अर्थों में हैं मोदी भारत माँ का लाल
इनके लिए तो सच्चे अर्थों में आज ही है 15 अगस्त,
आज पहली बार प्रत्येक भारतवासी को मिला आधार
मिली शाहबानों – नुसरत जहां को तीर तलाक से मुक्ति
जो घुट-घुटकर, मर-मरकर जीने को थी लाचार
मुस्लिम महिलाओं के लिए तो उनकी आजादी का दिन यही है 15 अगस्त,
जिस माँ की आंखें चूल्हा फूंकते-फूंकते फूट गई उन मांआंे को मोदी ने मुफ्त गैस का चूल्हा दिया
गरीब – मजदूर – मेहनतकश जिनके के सर के ऊपर बस खुले आसमान की चादर थी ऐसे बेघरों को मोदी ने घर दिया
जिनके पास आज गैस का चूल्हा और सिर के ऊपर छत है अरे उनके लिए तो यही 15 अगस्त है,
जो मां-बेटी भोर होने से पहले जग जाती थी
खुले में नित्य कर्म कर घर के काम-काज में लग जाती थी ऐसे सात करोड़ घरों में शौचालय बना मोदी ने नारी शक्ति को सम्मान दिया और विपक्ष आज भी पूछ रहा मोदी जी ने क्या किया
अरे ये 70 साल पुराना नहीं आज का नूतन 15 अगस्त आजादी का दिवस है,
विपक्ष भी 9 अगस्त को ‘अगस्त क्रांति दिवस’ के रूप में मना रहा है जिन शहीदों की बलि – बेदी थे
इस आजादी का भवन खड़ा है उन्हें याद कर मात्र…
मात्र औपचारिकता निभा रहा है।
कोई कह रहा ‘अगं्रेजों की नीतियों पर चल रही वर्तमान सरकार
और कोई इसे ‘भारत बचाओ दिवस’ के रूप में मना रहा है
इन्होंने 70 साल आखिर क्या किया कोई इनसे तो पूछे!
भ्रष्ट तंत्र के चलते अरे! तुम तो रहे देश को लूटते…
और लाल किले की प्राचीर पर चढ़ आज तक मनाते रहे 15 अगस्त
आजादी का दिवस है,
आज वास्तव में असली रूप में भारत में ‘15 अगस्त क्रांति’ आई है 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और धारा 35-ए को समाप्त कर जम्मू – कश्मीर – लद्दाख में आज अमन – चैन की बदली छाई है अरे इनके लिए सही मायने में
आज ही तो है 15 अगस्त आजादी का दिवस,
छद्म धर्म निर्पेक्षता तथा सांप्रदायिक तुष्टिकरण के चलते राममंदिर प्रकरण 500 सालों तक उलझा रहा परन्तु जब कोर्ट का फैसला आया तो छद्म राजनीति का चेहरा बेनकाब हो गया।
लगभग पांच शताब्दियों की भक्त पिपासु प्रतीक्षा, संघर्ष और तप के उपरान्त 5 अगस्त 2020 को ‘अभिजीत मुहूर्त में भव्य दिव्य राममंदिर का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपराह्न 12.30 से 12.40 बजे के बीच शिलान्यास हो गया यही है वह दिन जो इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा,

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