जानें क्या खास वजह और महत्व है कि पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाते हैं

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आस्था में विश्वास रखने वाले लोग नियमित दिनचर्या में पूजा-पाठ को भी अहम स्थान देते हैं। हिंदू धर्म में हर दिन किसी ना किसी देवता से जुड़ा हुआ है। जैसे सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए खास होता है। उसी तरह से सप्ताह के बाकी बचे दिन भी खास देवी या देवताओं से जुड़े हुए हैं। अक्सर लोग अपने घर में पूजा-पाठ के लिए अलग स्थान का चयन कर वहां देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करते हैं और नियमित पूजन करते हैं। दैहिक, दैविक और भौतिक ताप को दूर करने और मानसिक शांति के लिए पूजा-पाठ और जप करना शुभ माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि व्यक्ति का मन ही बंधन और मुक्ति का कारण होता है। दौनिक पूजा पाठ में लोग आरती को भी विशेष महत्व देते हैं। पूजन की पूर्णाहुति आरती करके ही की जाती है। आरती के दौरान अक्सर लोग कपूर जलाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा-पाठ और यज्ञ अनुष्ठान के दौरान कपूर जलाना क्यों शुभ होता है। यदि नहीं, तो चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

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पूजा-आरती के दौरान में कपूर जलाने से मिलते हैं ये लाभ
कपूर में ऐसे पदार्थ मौजूद होते हैं जो कि जलने के बाद हमारे आसपास के वातावरण को बिलकुल शुद्ध करने की क्षमता रखते हैं. शुद्ध और शांत वातावरण में सुखी और स्वस्थ जीवन बिताया जा सकता है. इसके साथ ही कपूर की खुशबू बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट कर देती है। अगर रोजना सुबह-शाम आरती करने के दौरान या वैसे भी कपूर जलाया जाता है तो इसके सुगंध से पूरे घर की निगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है। इसके अलावा जलता हुआ कपूर वास्तु दोष को दूर करने में भी मददगार साबित होता है। यही वजह है कि लोग घरों में पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों की मानें तो पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। कहा जाता है कि जलते हुए कपूर के धुंए से घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं। जिसके परिणामस्वरूप घर-परिवार का वातावरण खुशहाल नजर आता है। इसके साथ ही पूजा में कपूर जलाकर आरती करने से भगवान उसे स्वीकार करते हैं और अपने भक्तों की इच्छा पूरी करते हैं।

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वैज्ञानिक दृष्टि से कपूर का महत्व
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी कपूर का खास महत्व है। वैज्ञानिक इस बात को मानते हैं कि कपूर जलाने से बैक्टीरिया खत्म होते हैं, परिणामस्वरूप वातावरण स्वच्छ और खुशहाल नजर आता है। घर में इस्तेमाल किया जाने वाला भीमसेनी कपूर कई प्रकार के लाभकारी साबित होता है। यही वजह कि कपूर को इतना अधिक महत्व दिया जाता है। 

कपूर की ज्योतिषीय मान्यता
ज्योतिष शास्त्र में भी कपूर को खास महत्व दिया गया है। कई प्रकार के वास्तु दोष नजर दोष को दूर करने के लिए कपूर और लौंग का इस्तेमाल किया जाता है। इसके इस्तेमाल से ग्रह दोष भी दूर होते हैं। मान्यता है कि शाम के समय घर में कपूर जलाने से सुख-समृद्धि का आगमन होता है. परिवार के सदस्य आर्थिक तरक्की के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति भी करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकार घर में कपूर जलना शुभ और मंगलकारी मानते हैं।

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