समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आमतौर पर कैल्शियम की कमी हमारे शरीर के लिए बहुत ही गंभीर स्थिति हो सकती है। लेकिन हममें से अधिकांश लोगों को कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या है यह पता नहीं होता हैं। कैल्शियम की कमी को बीमारी के रूप में जाना जाता है जिसे हाइपोक्लेसेमिया कहते हैं। यह तब होता है जब रक्त में कैल्शियम का स्तर कम हो जाता है। लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बने रहने से दांतों की समस्या, मोतियाबिंद, मस्तिष्क में परिवर्तन और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस होने पर हड्डियां कमजोर और भंगुर हो सकती है। कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या होते हैं। जो आपके शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जाने कैल्शियम की कमी के लक्षण क्घ्या हैं।
आमतौर पर शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर कोई प्रारंभिक लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। चूंकि हम जानते हैं कि कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी पोषक तत्वों में से एक है। कैल्शियम हमारी हड्डियों को स्वस्थ्य रखने, दांतों को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही यह हमारी रक्तवाहिकाओं को स्वस्थ्य रख दिल को मजबूत बनाता है। कैल्शियम हमारे रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। जब धीरे-धीरे शरीर में कैल्शियम की कमी होती है तो हमें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए विस्तार से जाने कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं जो हमारे सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
कैल्शियम कमी से मांसपेशियों की समस्याएं होती हैं –
जिन लोगों को कैल्शियम की कमी होती है वे जल्दी ही थकान का अनुभव करते हैं। इसके अलावा कैल्शियम की कमी वाले लोगों में अक्सर मांसपेशीय दर्द, ऐंठन और जकड़न आदि की समस्याएं आम होती हैं। ऐसी स्थिति में रोगी द्वारा थोड़ी ही मेहनत करने या पैदल चलने पर उनके हाथों और पैरों में दर्द होने लगता है। चलते समय उनके जांघों और बाहों विशेष रूप से अंडरमर्स में दर्द महसूस होता है।
कैल्शियम की कमी के कारण हाथ, पैर, बाहें, पैर के पंजे और मुंह के आस-पास झुनझुनाहट या सुन्न होना जैसी समस्याएं हो सकती है। इन लक्षणों को सामान्य नहीं समझा जाना चाहिए। ये संवेदना अधिक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ये सारे लक्षण शरीर में कैल्शियम की कमी को दर्शाते हैं। इसलिए कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए आप कैल्शियम युक्त आहारों का सेवन कर सकते हैं।
कैल्शियम की कमी होने पर अत्यधिक थकान का होना –
अनिद्रा या थकान का प्रमुख कारण कैल्शियम की कमी हो सकती है। जो लोग पर्याप्घ्त मात्रा में भोजन करने और नींद के लिए पर्याप्त समय देने के बाद भी इस प्रकार की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे लोगों में कैल्शियम की कमी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए उन लोगों को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को अपने नियमित आहार में शामिल करना चाहिए। कैल्शियम की कमी के अन्य लक्षणों में शामिल हैं
-अत्यधिक थकान।
-सुस्ती।
-आलसीपन की भावना।
-ऊर्जा की कमी।
-कैल्शियम की कमी से संबंधित थकान होने पर चक्कर आना, आंखों में अंधेरा छाना, ब्रेन फॉग आदि की समस्घ्या भी हो सकती है। जिसमें ध्यान और भूलने की समस्या भी शामिल है।
अवसाद का होना भी हो सकता है कैल्शियम की कमी का लक्षण
मानसिक स्वास्थ्य को कैल्शियम की कमी से नुकसान हो सकता है। कैल्शियम की कमी आपके लिए अवसाद का प्रमुख कारण बन सकती है। इसके परिणामस्वरूप मनोदशा विकारों की संभावना बढ़ सकती है। इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि कैल्शियम की कमी अवसादग्रस्त लक्षणों में योगदान देती है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक अवसाद ग्रस्त होता है तो उसे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर रोगी में कैल्शियम के स्तर की जांच कर सकता है और उपचार कर सकता है। कैल्शियम की खुराक लेने पर इन लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। यदि आप इस तरह की किसी समस्या से परेशान हैं तो कैल्शियम की कमी को पूरा करने वाले विकल्पों से लाभ प्राप्घ्त कर सकते हैं।
कैल्शियम की कमी के लक्षण दांतों की समस्या होती है
जब मानव शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो यह शरीर के कई मुख्य भागों को प्रभावित कर सकता है। दांत हमारे शरीर के प्रमुख भागों में से एक हैं। कैल्शियम की कमी दांतों को कमजोर कर सकती है साथ ही यह दांतों से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है। अक्सर देखा जाता है कि जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती हैं उनके दांत कमजोर होते हैं। इसके अलावा उनके मसूड़ों से रक्तस्राव होता है, उनके दांत भंगुर होते हैं। इसके अलावा उन्हें दांत क्षय सहित अन्घ्य दांतों से संबंधित परेशानियां होती है। इसलिए जिन लोगों को दांतों से संबंधित समस्याएं हैं उन्हें अपने शरीर में कैल्शियम के स्घ्तर की जांच कराना चाहिए। ताकि कैल्शियम की कमी को दूर कर इस प्रकार की समस्या से बचा जा सके।
कैल्शियम की कमी के लक्षण नाखून का कमजोर होना
जिस तरह से आपके दांत आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं, उसी प्रकार आपके नाखून भी उंगलियों की सुरक्षा के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों के नाखून बहुत ही कमजोर होते हैं। विशेष रूप से यह समस्या महिलाओं के साथ होती है। जो नाखूनों की सुंदरता को भी कम कर सकते हैं। लेकिन यदि आपके नाखून कमजोर हैं तो यह कैल्शियम की कमी के लक्षण से हो सकता है। आप कैल्शियम की कमी के लक्षणों को दूर करने के लिए कैल्शियम आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। यदि आप अपने कमजोर नाखूनों को स्वस्थ्य और मजबूत बनाना चाहते हैं तो कैल्शियम की कमी को दूर करने का प्रयास करें।
त्वचा को प्रभावित करती है कैल्शियम की कमी –
कैल्शियम हमारे समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। लेकिन यदि शरीर में इसकी कमी होती है तो यह हमारे शरीर में नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है उनकी त्वचा अक्सर शुष्क होती है साथ ही उनमें कई प्रकार की त्वचा समस्याएं जैसे खुजली और संक्रमण आदि हो सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि कैल्शियम की कमी के कारण एक्जिमा और सोरायसिस जैसी समस्घ्याएं भी हो सकती हैं। सोरायसिस त्वचा की सूजन से संबंधित है। इसके अलावा कैल्शियम की कमी त्वचा में खुजली, लाली, त्वचा के फफोले आदि की संभावना को भी बढ़ा सकता है। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो पाए।
कैल्शियम की कमी से होने वाली बीमारी है ऑस्टियोपोरोसिस
ऑस्टियोपेनिया का प्रमुख कारण कैल्शियम की कमी को बताया जाता है। इसके साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में भी कैल्शियम की कमी का विशेष योगदान होता है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों के घनत्व को कम कर देता है। जिससे हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को पतला और फ्रैक्चर के लिए अतिसंवेदनशील बनाता है। हमारी हड्डियों में कैल्शियम मुख्य घटक के रूप में मौजूद रहता है। लेकिन उन्हें पर्याप्त मजबूती दिलाने के लिए उच्च कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसलिए आप ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों से संबंधित अन्य समस्याओं से बचने के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।
कैल्शियम की कमी होने से मासिक धर्म की समस्या –
महिलाओं के लिए भी कैल्शियम की कमी बहुत ही कष्टदायक हो सकती है। विशेष रूप से यह मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की समस्या को बढ़ा सकती है। कैल्शियम की कमी के कारण दांत क्षय रोग हो सकता है इसके अलावा यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। 2017 में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि नियमित रूप से कैल्शियम का उपभोग करने पर महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान मनोदशा में सुधार होता है साथ मासिक स्राव में भी कमी आती है। इस तरह से यदि महिलाओं में कैल्शियम की कमी होती है तो उन्हें मासिक धर्म से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
कैल्शियम की कमी से बाल झड़ते हैं –
आपके दांतों, नाखूनों और त्वचा के लिए कैल्शियम बहुत ही फायदेमंद होता है। लेकिन यदि आप बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो कैल्शियम की कमी इसका कारण हो सकता है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है जिसस बाल झड़ने लगते हैं। यदि आप बालों के झड़ने और इससे संबंधित अन्य समस्याओं से ग्रसित हैं तो आपको कैल्शियम की जांच कराना चाहिए। इसके साथ ही आप कैल्शियम आधारित खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन कर इस प्रकार की समस्या से बच सकते हैं।
कैल्शियम की कमी के अन्य लक्षण –
कैल्शियम की कमी के लक्षणों के अलावा भी कैल्शियम की कमी के अन्य लक्षण होते हैं। इन लक्षणों के होने पर आपको अपने शरीर में कैल्शियम के स्घ्तर की जांच करानी चाहिए। ताकि इन लक्षणों से छुटकारा पाया जा सके। कैल्शियम के अन्य लक्षणों में शामिल हैं
-बेहोशी।
-हृदय का रूक जाना।
-सीने में दर्द।
-मांसपेशीय ऐंठन, विशेष रूप से पीठ और पैरों में दर्द।
-गले में घरघराहट और निगलने में परेशानी होना।
-रूखी त्वचा।
-मोतियाबिंद।


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