ऑपरेशन पवन में शहीद हुए थे लांस नायक दान सिंह।

खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। लांस नायक दान सिंह का जन्म 2 दिसंबर 1959 को बागेश्वर जनपद के कपकोट तहसील के ग्राम सुमगढ़ में हुआ था। मेजर बी एस रौतेला के अनुसार इनके पिता जी का नाम स्वर्गीय श्री उच्चछव सिंह था। जब वे मात्र 4 वर्ष के थे तो उनकी माताजी की मृत्यु हो गई। दिनांक 28 जनवरी 1978 को वे कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हो गए। प्रशिक्षण के बाद उन्हें 9 कुमाऊं में भेजा गया। सिपाही दान सिंह कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और बहादुर सैनिक के रूप में जाने जाते थे। वर्ष 1988 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन चला जिसमें कुमाऊं रेजिमेंट की 18 कुमाऊं को भी भेजा गया। लेकिन उस बटालियन के साथ अन्य बटालियनों से भी वॉलिंटियर जवानों को भेजा गया। जोखिम होने के बावजूद भी सिपाही दान सिंह ने कहा कि मैं इस ऑपरेशन में जाना चाहता हूं। यह बात उनकी वीरता और साहस का परिचय देती है। दिनांक 10 अगस्त 1988 को वे शहीद हो गए। उनकी शहादत के समय उनकी बड़ी बेटी 5 वर्ष की और छोटी बेटी मात्र 22 दिन की थी। उनकी पत्नी श्रीमती पार्वती देवी कहती है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं थी। उन्हें कुछ जानकारी भी नहीं थी जिससे पूरा जीवन अंधकारमय हो गया। लेकिन कुछ समय बाद भी रानीखेत वार मेमोरियल हॉस्टल में आ गई। जिससे उनकी दोनों बेटियों ने रानीखेत से ही पढ़ाई की। वर्तमान में वे अपनी दोनों बेटियों के साथ हल्द्वानी में निवास करती हैं।

समाचार सच परिवार शहीद दान सिंह की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440