समाचार सच, हल्द्वानी/लालकुआं। रिपोर्ट-अजय चौहान
रोज़ की तरह परिवार का पेट पालने के लिए घर से निकले 30 वर्षीय पवन सिंह को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी आखिरी ड्यूटी होगी। लालकुआं क्षेत्र के एक स्टोन क्रशर में हुए दर्दनाक हादसे में रेत के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार हल्दूचौड़ निवासी पवन सिंह स्टोन क्रशर में डंपर के किनारों पर कट्टे लगा रहा था, ताकि रेत बाहर न गिरे। इसी दौरान लोडर चालक ने कथित रूप से बिना यह सुनिश्चित किए कि डंपर में कोई मौजूद है या नहीं, उसमें रेत डालना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पवन भारी रेत के नीचे दब गया।
बरसात के कारण रेत काफी गीली और भारी थी, जिससे पवन को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। काफी देर बाद जब डंपर से रेत खाली की जा रही थी, तब अन्य मजदूरों को उसके दबे होने की जानकारी मिली। आनन-फानन में उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है।
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि मशीन संचालन से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और यह सुनिश्चित किया जाता कि डंपर के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है, तो एक परिवार का सहारा यूं नहीं छिनता। हादसे ने एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रभावी पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



