मोबाइल चोरी रोकने के लिए मोदी सरकार ने ये उठाया बड़ा कदम…

खबर शेयर करें

समाचार सच, दिल्ली। मोबाइल चोरी रोकने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दूरसंचार मंत्रालय सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) की शुरुआत करने जा रहा है। इसमें देश के सभी मोबाइल फोन्स के 15 अंक के यूनीक नंबर इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) का डाटा होगा। मोबाइल फोन के चोरी हो जाने कि स्थिति में इस नंबर की इंपोर्टेंस काफी बढ़ जाती है।

आने वाले कुछ दिनों में जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन खो गए हैं या चोरी हो गए हैं वे पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एक हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से दूरसंचार विभाग (DoT) को इस बारे में सूचित कर सकेंगे। दूरसंचार विभाग इसके बाद IMEI नंबर को ब्लैकलिस्ट कर देगा जिससे भविष्य में किसी भी सेल्युलर नेटवर्क को एक्सेस करने में मोबाइल डिवाइस ब्लॉक हो जाएगा। सेवाएं बंद होने के बावजूद पुलिस मोबाइल को ट्रैक कर सकेगी।

यह भी पढ़ें -   चैत्र नवरात्रि 2026: नवें दिन सिद्धिदात्री माता को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

दूरसंचार विभाग ने जुलाई 2017 में इस परियोजना (CEIR) को लागू करने की घोषणा करने के बाद महाराष्ट्र में सबसे पहले इसका ट्रायल किया। यह ट्रायफ सफल रहा जिसके बाद सरकार इसे बड़े स्तर पर लॉन्च करने की तैयारी में है। मोबाइल चोरी से न केवल वित्तीय नुकसान होता है बल्कि यह नागरिकों के निजी जीवन के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा होता है। बाजार में नकली मोबाइल फोन दूरसंचार विभाग के लिए एक बड़ा मुद्दा है। यह मोबाइल नकली IMEI नंबर के साथ हमारे मोबाइल नेटवर्क में के आस-पास एक्टिव रहते हैं।

यह भी पढ़ें -   चैत्र नवरात्रि 2026: नवें दिन सिद्धिदात्री माता को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

बता दें कि देश में सबसे पहले मोबाइल पहचान संख्याओं की रजिस्ट्री तैयार करने की योजना का जिक्र राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-2012 में किया गया था। 2019-20 के अंतरिम बजट में सरकार ने सीईआरआई परियोजना के लिए दूरसंचार विभाग को 15 करोड़ रुपये भी आवंटित किए। दूरसंचार विभाग ने डाटा को तीन कैटिगरी (व्हाइट, ग्रे और ब्लैक) में एकत्रित किया है। व्हाइट लिस्ट में IMEI नंबर वाले मोबाइल फोन को उपयोग की अनुमति दी जाएगी जबकि ब्लैकलिस्ट में चोरी या गुम होने की शिकायत वाले फोन होंगे और इनका नेटवर्क एक्सेस ब्लॉक होगा। जबकि ग्रे लिस्ट में ऐसे फोन का डाटा होगा जो मानकों के अनुरूप नहीं हैं। (साभार: जनसत्ता)

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440