अब जनसेवा केन्द्रों में भी बन सकेंगे डीएल

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परिवहन विभाग ने उत्तराखण्ड में 8128 जनसेवा केंद्रों को सारथी सॉफ्टवेयर से जोड़ा

समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में करीब 8128 जनसेवा केंद्रों के माध्यम से भी अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा सकेंगे। परिवहन विभाग ने सभी जनसेवा केंद्रों को सारथी सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया है। नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को साइबर कैफे की महंगी फीस भी छुटकारा मिलेगा। जनसेवा केंद्रों पर ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन का शुल्क 20 रुपये रखा गया है।

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उप परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। अभी तक जनसेवा केंद्र वाहन सॉफ्टवेयर से जोड़ दिए गए थे। वाहन सॉफ्टवेयर वाहनों से संबंधित शुल्क के ऑनलाइन भुगतान को लेकर बनाया गया है। लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन से संबंधित सारथी सॉफ्टवेयर जन सेवा केंद्रों से नहीं जोड़ा जा सका था। राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) को सॉफ्टवेयर में जरूरी सुधार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एनआईसी ने सॉफ्टवेयर को तैयार कर दिया है। अब ये सॉफ्टवेयर प्रदेश के 8128 जनसेवा केंद्रों से जुड़ जाएंगे। इनमें 5935 जनसेवा केंद्रों पर ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सेवा के शुरू होने से जनसेवा केंद्रों पर निर्धारित 20 रुपये शुल्क देकर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। साथ ही ऑनलाइन फीस भुगतान की भी सुविधा होगी। आवेदन और शुल्क की प्रक्रिया पूरी होने पर टेस्ट के संबंध में सूचना उसी दिन ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगी।

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