पितृ पक्ष 2024: दशमी श्राद्ध पर बन रहे शुभ संयोग, पितरों के तर्पण से मिलेंगी स्थिर लक्ष्मी, जानें तारीख

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष का दशमी श्राद्ध 26 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस साल दशमी श्राद्ध के दिन 7 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसकी वजह से यह दिन और भी महत्व पूर्ण बन गया है। दशमी श्राद्ध के अवसर पर परिघ योग, शिव योग, गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। इसके अलावा उस दिन पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र का भी शुभ संयोग है। गुरु पुष्य योग में बिजनेस, निवेश, कोई शुभ कार्य, नया काम करना अच्छा माना जाता है। इस समय में आप सोना, आभूषण, अन्य कीमती वस्तुएं आदि खरीदते हैं तो वह स्थाई रहता है। तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि दशमी श्राद्ध पर 7 शुभ संयोग कब से कब तक हैं? दशमी श्राद्ध का क्या लाभ होता है? इस दिन किनका श्राद्ध होता है।

कब है दशमी श्राद्ध 2024?
दशमी श्राद्ध 26 सितंबर को है. अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशमी श्राद्ध करते हैं। इस बार दशमी तिथि का समय 26 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से है।

दशमी श्राद्ध में किसका होता है तर्पण?
दशमी श्राद्ध में उन पितरों का तर्पण, पिंडदान, दान आदि करते हैं, जिनका निधन किसी भी माह की दशमी तिथि को हुआ होता है।

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दशमी श्राद्ध से मिलती हैं स्थिर लक्ष्मी
जो लोग दशमी तिथि को श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि करते हैं, उनको स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। उनके धन, संपत्ति और वैभव में वृद्धि होती है, जो स्थिर होता है, उसमें कमी नहीं होती है।

7 शुभ संयोग दशमी श्राद्ध 2024
सर्वार्थ सिद्धि योग

दशमी श्राद्ध को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस शुभ योग हैं, इसमें आप सभी मांगलिक कार्य कर सकते हैं। उसमें सफलता प्राप्त होने की उम्मीद अधिक होती है।

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अमृत सिद्धि योग
दशमी श्राद्ध वाले दिन अमृत सिद्धि योग रात में 11.34 बजे से लेकर अगने दिन सुबह 06.12 बजे तक है। यह भी एक शुभ योग है।

गुरु पुष्य योग
दशमी श्राद्ध के दिन गुरु पुष्य योग भी रात में 11 बजकर 34 मिनट से बन रहा है, जो अगले दिन 27 सितंबर को सुबह 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

परिघ योग
यह योग प्रातःकाल से लेकर रात 11 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. यह भी योग शुभ कार्यों के लिए ठीक मानते हैं।

शिव योग
दशमी श्राद्ध वाले दिन शिव योग रात 11.41 बजे से शुरु है, जो अगले दिन रात 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

पुनर्वसु नक्षत्र
दशमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर रात 11.34 बजे तक है।

पुष्य नक्षत्र
दशमी श्राद्ध पर पुष्य नक्षत्र रात 11 बजकर 34 मिनट से 28 सितंबर को 01.20 एएम तक रहेगा।

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