समाचार सच, देहरादून। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदियां खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश में गंगा और श्रीनगर में अलकनंदा खतरे के निशान पर पहुंच गई है। वहीं, बागेश्वर में कई जगह मलबा आने से घरों में नुकसान भी हुआ है। तीर्थ नगरी ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। मुनी की रेती क्षेत्र के परमार्थ निकेतन आश्रम के ठीक सामने भगवान शिव की प्रतिमा के प्लेटफार्म को भी पानी छू रहा है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। बदरीनाथ नेशनल हाईवे के तोता घाटी में बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग होने वाला देवप्रयाग-गजा मोटर मार्ग भी लसेर के पास बंद हो गया है। वहीं, तहसीलदार बागेश्वर ने बताया कि बारिश के कारण जिले के गांव मुवानी में नंदन राम पुत्र मोहन राम के आवासीय मकान के पीछे भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबा और पत्थर आने से घर के पीछे बना शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। कपकोट में खटगड़ा गधेरा उफान पर चल रहा है। बागेश्वर जिले और आस-पास की सड़कें मलबे से पट गई हैं। उधर, धारचूला, जौलजीबी, बलुवाकोट से लेकर झूलाघाट तक काली नदी उफान पर है।
पिथौरागढ़ में सोमवार की रात को बारिश ने फिर तबाही मचाई। भारी बारिश के कारण मुनस्यारी के शीर्ष में स्थित खलिया टॉप में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर भूस्खलन हुआ। इस आपदा में कुमाऊं मंडल विकास निगम का पर्यटक आवास गृह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। खलिया में हो रहे भूस्खलन से मुनस्यारी को खतरा बना हुआ है।
पिथौरागढ़ थल मुनस्यारी मार्ग, टनकपुर-तवाघाट हाईवे तीन स्थानों पर मलबा आने से बंद। चीन सीमा को जोड़ने वाले तीनों मार्ग बंद है। धारचूला नगर के गवालगांव में भूस्खलन से एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां पर पूरी बस्ती खतरे की जद में आ गई है। जिस कारण कुछ लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। तहसील बंगापानी के मवानी दवानी में दो मकान ध्वस्त हुए। अधिकांश सड़कों के बन्द होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। काली और सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी लेबल पार कर खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है।
वहीं मसूरी में बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन से कई मार्ग बंद हो गए। वहीं, देहरादून मसूरी रोड का करीब 50 मीटर हिस्सा धंस गया। आज सुबह छोटे वाहनों की आवाजाही तो खोल दी गई है लेकिन, चौपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। कोतवाल देवेंद्र असवाल ने बताया कि मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पानी वाले मोड पर भूस्खलन की वजह से रास्ता बंद हो गया है। रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
मसूरी में भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है। देर शाम तक कुछ मार्ग खोल दिए गए थे। वहीं, मसूरी-कैंपटी मार्ग सांझा दरबार के पास पेड़ गिरने से काफी देर तक बंद रहा। मसूरी-कैंपटी मार्ग को खुलवाने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी, परंतु जेसीबी अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, जिसमें जेसीबी चालक घायल हो गया। वहीं, टिहरी बाईपास मार्ग बासा घाट के पास क्षतिग्रस्त हो गया। यह रास्ता लगातार भूस्खलन की चपेट में आने से संकरा हो गया है, जिससे वाहनों के आवगमन में परेशानी हो रही है। लक्ष्मणपुरी में भूस्खलन के बाद मलबा घर के ऊपर आ गिरा, जिससे मकान को आंशिक रूप से नुकसान हुआ। मसूरी के पर्यटन स्थल कंपनी गार्डन में पेड़ और भूस्खलन होने से भारी नुकसान हुआ है। इंदिरा कॉलोनी में भूस्खलन के बाद मार्ग बाधित हुआ, वहीं एक मकान भूस्खलन की जद में आ गया। मसूरी कंपनी गार्डन मार्ग पर दो बड़े पेड़ गिरने से मार्ग बाधित होने के साथ बिजली आपूर्ति भी ठप हो गईं। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से मसूरी के पास ऐतिहासिक पर्यटन स्थल कैंपटी फॉल का जलस्तर बढ़ गया। कैंपटी फाल ने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। साथ ही यमुना नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। मसूरी कैंपटी फॉल का जलस्तर बढ़ने से आसपास की कई दुकानों में पानी घुस गया, जिससे सामान खराब हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों और मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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