रुद्रपुर में रेल हादसे में नर हाथी की मौत, बाघ एक्सप्रेस दो घंटे तक खड़ी रही

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समाचार सच, रुद्रपुर डेस्क। ऊधम सिंह नगर जिले में हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में बाघ एक्सप्रेस की चपेट में आने से नर हाथी की मौत हो गई। लालकुआं से हावड़ा की ओर जा रही ट्रेन उस समय हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी रेलवे ट्रैक पार कर रहा एक हाथी उसकी चपेट में आ गया। हादसे के दौरान ट्रेन में करीब एक हजार यात्री सवार थे। रेलवे के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं।

यह दुर्घटना तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर रेंज के अंतर्गत रेलवे ट्रैक के पिलर संख्या 55/8 के पास हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नर हाथी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में हाथी का एक दांत भी टूट गया। घटना के बाद रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर दोनों विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर हाथी का शव होने के कारण बाघ एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही। इससे रेल संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे अधिकारियों और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से शव को ट्रैक से हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद रेल यातायात बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

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घटना की सूचना मिलने पर रुद्रपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम सहित वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने रेलवे कर्मचारियों से भी बातचीत की, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

हादसे में हाथी का एक दांत टूटकर अलग हो गया था, जिसे रेलवे ने अपने कब्जे में ले लिया था। बुधवार को यह दांत वन विभाग को सौंप दिया गया। वन विभाग की निगरानी में हाथी के शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम संबंधी कार्रवाई की गई। इसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच का क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस हादसे ने रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील क्षेत्रों में रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय, ट्रेन की गति पर नियंत्रण तथा हाथियों की मौजूदगी को लेकर समय पर सूचना देने जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी बनाना जरूरी है। इन उपायों से भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।

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