हल्द्वानी के ग्रामीण व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से केबिनेट मंत्री भगत को सुनाया अपना दुखड़ा

खबर शेयर करें


समाचार सच, हल्द्वानी। कोविड कर्फ्यू के चलते राज्य में व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद चल रहे है। जिस कारण व्यापारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा है। वहीं विगत दिनों सरकार द्वारा बढ़ाये कोविड कर्फ्यू अविधि में व्यापारियों के लिये कोई छूट ना दिये जाने से राज्य के व्यापारी वर्ग नाराज है और व्यापारियों ने अब आंदोलन का मूड बना लिया है। इसी क्रम में गुरूवार को प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल की ग्रामीण इकाई मुखानी-कुसुमखेड़ा के व्यापारी प्रतिनिधियों ने केबिनेट मंत्री बंशीधर भगत को ज्ञापन प्रेषित कर अपनी व्यापारिक समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया है। साथ ही व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रतिष्ठानों को शीघ्र खुलवाने की मांग की है।
गुरूवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार मण्डल की ग्रामीण इकाई मुखानी-कुसुमखेड़ा के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमण्डल केबिनेट मंत्री बंशीधर भगत के आवास पर पहुंचे। जहां केबिनेट मंत्री के मौजूद ना होने पर उनके प्रतिनिधि को व्यापारियों से संबंधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में व्यापारियों का कहना है कि विगत 15 माह से व्यापारी विषम परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहा है। अब तो व्यापारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा है और वर्तमान में कोविड संक्रमण की परिस्थितियां अनुकूल हो रही है ऐसे में अब व्यापार पूर्ण रूप से खोला जाना चाहिए। ज्ञापन में व्यापारी प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि व्यापारियों की समस्या को देखते हुए शीघ्र ही प्रतिष्ठानों को पूर्ण रूप से खोले जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार से व्यापारियों के लिये आर्थिक पैकेज की भी मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री प्रताप जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चन्द्र शेखर मोलांकी, महिला उपाध्यक्ष भागीरथी जोशी, महिला सचिव मोनिका शर्मा, कोषाध्यक्ष निशांत वर्मा आदि व्यापारीगण शामिल थे।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.