साथी हाथ बढ़ाना सेवा समिति ने धूमधाम से मनाया अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस

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समिति द्वारा चार संघर्षशील महिलाओं को उनके उत्कर्ष कार्यों के लिये किया सम्मानित

समाचार सच, हल्द्वानी। साथी हाथ बढ़ाना सेवा समिति द्वारा यहां अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया। इस मौके पर समिति ने चार संघर्षशील महिलाओं को उनके उत्कर्ष कार्याें के लिये सम्मानित भी किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यअतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बेला तोलिया, अतिविशिष्ट अतिथि पूर्व दर्जा राज्य मंत्री श्रीमती रेनू अधिकारी, विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद तथा पूर्व समाज कल्याण अधिकारी सुश्री नीरज चिल्कोटी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। तद्पश्चात बीपीएल शिक्षा प्रयास समिति के बच्चों ने स्वागत गीत व सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये।

साथी हाथ बढ़ाना सेवा समिति द्वारा तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती पार्वती किरौला, एसआई श्रीमती कुमकुम धानिक, श्रीमती मंजू पंत, श्रीमती ज्योति जोशी को उनके द्वारा समाज के प्रति किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिये स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यअतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को बहुत महत्व दिया जाता है। आज के समय में महिलाएं देश के विकास में पुरूषों के बराबर योगदान कर रही हैं और सामाजिक व राजनीतिक सभी प्रकार की बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ रही हैं।

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अतिविशिष्ट अतिथि पूर्व दर्जा राज्य मंत्री श्रीमती रेनू अधिकारी, विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद तथा पूर्व समाज कल्याण अधिकारी सुश्री नीरज चिल्कोटी ने महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से वर्णन किया। उनका कहना था कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां भगवान का निवास होता है। हमें महिलाओं के अधिकार, समानता एवं इन्हें सशक्तीकरण के लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा।

एसआई कुमकुम धानिक ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के साथ इव टीजिंग और सेक्सुअल हैरसमेंट जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही है। जिसके साथ हमें यह अपनी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के साथ हो रही ऐसी वारदातों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के लिये आगे आना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती सरिता अग्रवाल ने अतिथियों एवं समस्त आगुन्तकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति द्वारा सम्मानित महिलायों ने अपने-अपने क्षेत्र में कल्याण हेतु उत्कृष्ट कार्य किया है वे तो प्रशंसा की पात्र हैं। जिनसे समाज की अन्य महिलाओं व संस्थाओं को प्रेरणा लेनी चाहिये। उनका कहना है कि संस्कृत में एक श्लोक है- ‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता’। जिसका मतलब है जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं।

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कार्यक्रम का संचालन समिति की सचिव हेमा मेलकानी ने कहा कि स्त्री नई पीढ़ी को जन्म देती है। महिला के बिना सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलानी चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति की उपाध्यक्ष दया बिनवाल, उपसचिव रमेश चन्द्र, कोषाध्यक्ष गीता कार्की, संरक्षक लीला मनराल, दीपा जोशी, कमला जोशी, पुष्पा उप्रेती, गीता पंत, ममता जोशी, कंचन शर्मा, रीता पाण्डे, हेमा चिलवाल, बीना पाठक, विमला काण्डपाल, लीला कोठारी, उर्मिला परिहार, मधु बिष्ट, गायत्री किरौला, दीप्ति खर्कवाल, मीनाक्षी साह सहित आदि लोग उपस्थित थे।

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