लोकतंत्र को सलामः 90 वर्षीय दंपति ने वोट डालकर पेश की मिसाल, बोले- देश के भविष्य का फैसला घर बैठकर नहीं होता

खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी (हल्दूचौड़)। जहां कई लोग उम्र या मौसम का बहाना बनाकर घर से नहीं निकलते, वहीं ग्राम हल्दूचौड़ दीना निवासी 90 वर्षीय श्री लीलाधर उप्रेती और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बसंती देवी ने आज मतदान कर एक नई प्रेरणा गढ़ दी। दंपति अपनी धीमी चाल के साथ जब प्राथमिक विद्यालय दीना (हल्दूचौड़) स्थित बूथ पर पहुंचे, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर सम्मान और गर्व झलक उठा।

यह भी पढ़ें -   पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान पर डॉ. आशुतोष पंत राज्य महिला आयोग से सम्मानित

उन्नत आयु के बावजूद उनका उत्साह देखते ही बनता था। दोनों ने पूरे जोश के साथ मतदान किया और युवाओं को यह संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उम्र कोई सीमा नहीं है, बस इरादा पक्का होना चाहिए।

मतदान केंद्र के बाहर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया। बूथ अधिकारी ने भी कहा कि ऐसे नागरिक लोकतंत्र की असली ताकत हैं।

यह भी पढ़ें -   अंकिता भंडारी हत्याकांड: हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत

दंपति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम हर बार वोट देने जाते हैं। यह हमारा अधिकार नहीं, जिम्मेदारी है। अगर हम 90 की उम्र में वोट डाल सकते हैं, तो नौजवानों को भी आगे आना चाहिए। देश का भविष्य तय करने के लिए सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं, मतदान केंद्र पर पहुंचना जरूरी है।

इनका यह जज्बा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग इन्हें लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी कहकर सम्मान दे रहे हैं।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440