धारचूला में आपदा प्रभावित जुम्मा गांव में दूसरे दिन भी खोज एवं बचाव कार्य जारी

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काली नदी में आया भारी मलबा, बहाव रुका

समाचार सच, देहरादून/पिथौरागढ़। धारचूला के आपदा प्रभावित जुम्मा गांव में दूसरे दिन भी खोज एवं बचाव कार्य जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए पहुंचे। उन्होंने आपदा प्रभावित जुम्मा गांव का हवाई निरीक्षण किया। मध्य रात के बाद धारचूला के साथ-साथ काली नदी पार नेपाल के श्रीबगड़ में भी बादल फट गया। वहां भी पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं।

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धारचूला में सात मकान ध्वस्त होने के बाद अब धारचूला में एक और बड़े खतरे ने दस्तक दी है। यहां नेपाल के बरसाती नाले से आए भारी मलबे ने काली नदी का प्रवाह रोक कर झील बना दी है। जिससे खतरे की आशंका पैदा हो गई है। नेपाल की ओर से भारी भूस्खलन के कारण काली नदी में झील बन गई है। इससे एनएचपीसी तपोवन के परिसर तक पानी घुस आया है। नेपाल की ओर से कालागाड़ पहाड़ी से मलबा काली नदी में आ गया। इससे नदी का प्रवाह रुक गया और एनएचपीसी कॉलोनी में जलभराव हो गया। दर्जनों मकानों में मलबा और पानी घुस गया। इसमें तीन वाहन बह गए।

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काली नदी का जल स्तर बढ़ने से बीआरओ का क्रशर प्लांट और हट्स क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तारकोल के सैकड़ों ड्रम और काफी सामान मलबे में दब गया। बीआरओ कर्मी नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद बचाव में जुटे रहे। बीआरओ के कर्नल एनके शर्मा ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। काली नदी का जल स्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने रात में ही लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा। घटखोला सहित नदी से लगे गांवों के लोग सोमवार को रात भर जगे रहे।

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