शनि का दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य ग्रह बाधाएं शांत हो जाती शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शनिवार का दिन शनि देव का होने के साथ-साथ संकटमोचन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में कहा गया है कि शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से शनि के दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य ग्रह बाधाएं शांत हो जाती हैं। बजरंग बाण में हनुमान जी की ऐसी शक्ति है कि यह तुरंत असर करता है और मनोकामनाएं पूर्ण करता है। शनिवार को सही विधि से इसका पाठ करने से फल कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इसकी विधि और लाभ।

बजरंग बाण पाठ का महत्व
हनुमान जी को शनि देव के भक्त और संकटमोचन कहा गया है। शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने से शनि का क्रोध शांत होता है। बजरंग बाण में हनुमान जी की ऐसी शक्ति है कि यह भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा, कर्ज, रोग, शत्रु भय और मानसिक तनाव से तुरंत मुक्ति दिलाता है। शनिवार को इसका पाठ करने से फल दोगुना हो जाता है क्योंकि इस दिन शनि और हनुमान दोनों की ऊर्जा एक साथ कार्य करती है। शास्त्रों में लिखा है कि शनिवार को बजरंग बाण का 11 या 21 बार पाठ करने से साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

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बजरंग बाण पाठ की शनिवार की विधि
शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने के लिए सही विधि अपनाएं-

  • सुबह या शाम का समय सबसे अच्छा है। ब्रह्म मुहूर्त या सूर्यास्त के समय पाठ करें।
  • स्नान कर लाल या नारंगी वस्त्र धारण करें।
  • हनुमान जी की मूर्ति या चित्र को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
  • कुशा या लाल आसन पर पूर्व या दक्षिण मुख करके बैठें।
  • चमेली के तेल का दीपक जलाएं। लाल फूल, सिंदूर, बूंदी या गुड़-चना का भोग लगाएं।
  • संकल्प लें – ‘मैं आज शनिवार को बजरंग बाण का पाठ कर रहा हूं, हे हनुमान जी मेरे सभी संकट दूर करें।’
  • स्तोत्र को 11, 21 या 108 बार पढ़ें (शुरुआत में कम से कम 11 बार से शुरू करें)।
  • पाठ के बाद हनुमान जी की आरती करें।
  • अंत में क्षमा मांगें और दान दें (काले तिल, तेल या लोहा)।

पाठ के दौरान रखें ये सावधानियां
बजरंग बाण का पाठ हमेशा सात्विक मन से करें। पाठ करते समय क्रोध या नकारात्मक भाव ना रखें। शनिवार को मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से दूर रहें। पाठ के दौरान काले रंग का आसन इस्तेमाल करें। बजरंग बाण को साफ उच्चारण के साथ पढ़ें, गलत उच्चारण से बचें। पाठ के बाद दान अवश्य करें। दान में काले तिल, कंबल, लोहा या तेल जरूरतमंदों को दें। अगर संभव हो, तो शनिवार को हनुमान मंदिर जाएं और तेल का दीपक जलाएं।

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बजरंग बाण पाठ से मिलने वाले विशेष लाभ
शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से निम्न लाभ मिलते हैं-

  • शनि के दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है।
  • मन की भारीपन, चिंता और तनाव दूर होता है।
  • अटके हुए काम बनने लगते हैं।
  • नौकरी, व्यापार और करियर में स्थिरता आती है।
  • आर्थिक तंगी और कर्ज से राहत मिलती है।
  • स्वास्थ्य में सुधार होता है, खासकर हड्डी, जोड़ और त्वचा रोगों में।
  • परिवार में शांति और एकता बढ़ती है।
  • बुरी नजर, ऊपरी बाधा और भय से मुक्ति मिलती है।

शनि देव न्याय के देवता हैं और हनुमान जी संकटमोचन हैं। शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से दोनों की कृपा एक साथ मिलती है। बजरंग बाण के नियमित पाठ से जीवन की हर बाधा दूर हो जाएगी।

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