सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस: फिजियोथैरेपी से संभव है सफल इलाज

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग, गलत बैठने की आदतें और गर्दन पर लगातार दबाव आजकल सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं। इस बीमारी में गर्दन में दर्द, अकड़न, सुन्नपन, हाथ-बांह में झनझनाहट, सिरदर्द और चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार नसों पर दबाव आने से हाथ उठाने में कमजोरी और कंधे के दर्द जैसी समस्याएँ भी उभरती हैं। डॉ. अंकिता चांदना, वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट, हैल्थ केयर सेंटर के अनुसार, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के उपचार में फिजियोथैरेपी सबसे प्रभावी तरीका है, जिससे बिना ऑपरेशन के रोगी को राहत मिल सकती है। डॉ. अंकिता के अनुसार दर्द और सूजन कम करने में मदद,गर्दन एवं कंधे की कमजोर मांसपेशियों को मजबूत बनाना,नसों पर दबाव घटाना, व्हिपलैश (अचानक झटका लगने) जैसी स्थिति में सुधार, गलत पोस्टर को सुधारने के लिए पोश्चर एडवाइस डॉ. अंकिता बताती हैं कि आधुनिक फिजियो मशीनों, एक्सरसाइज और हल्की-गुनगुनी सिकाई से रोगियों को तेजी से आराम मिलता है। सही इलाज मिलने पर डिस्क संबंधी परेशानियों में भी अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं। गर्दन पर अचानक भार या झटका न आने दें,एक ही कंधे पर भारी बैग न उठाएं, लंबे समय तक मोबाइल नीचे झुककर न चलाएं।कंप्यूटर इस्तेमाल करते समय स्क्रीन आंखों की सीध में रखें। सही तकनीक वाले व्यायाम केवल विशेषज्ञ की निगरानी में करें।फिजियोथेरेपिस्ट का कहना है कि समय रहते ध्यान देने पर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस पूरी तरह नियंत्रित हो सकता है और रोगी सामान्य जीवन जी सकता है।
संपर्क: डॉ. अंकिता चांदना सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट, हेल्थ केयर सेंटर, मुखानी, हल्द्वानी 9756465781 / 9193888935

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