समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २१ फरवरी २०२६ शनिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु कुम्भार्क ९ गते फाल्गुन शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि शनिवार सूर्याेदय ६/४९ बजे सूर्यास्त ६/१ बजे राहु काल ९ बजे…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २१ फरवरी २०२६ शनिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु कुम्भार्क ९ गते फाल्गुन शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि शनिवार सूर्याेदय ६/४९ बजे सूर्यास्त ६/१ बजे राहु काल ९ बजे…

समाचार सच अध्यात्म डेस्क। साल 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी (मंगलवार) से शुरू हो रहे हैं। होली से ठीक 8 दिन पहले का समय होलाष्टक कहलाता है। इस दौरान ग्रहों का स्वभाव काफी उग्र रहता है, इसलिए हिंदू धर्म में…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १७ फरवरी २०२६ मंगलवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु कुम्भार्क ५ गते फाल्गुन कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि मंगलवार सूर्याेदय ६/५३ बजे सूर्यास्त ५/५८ बजे राहु काल ३ बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। अमावस्या पर बहुत से लोग पितरों के निमित्त भी पूजा करते हैं। मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या पर पूर्वज स्वर्ग से धरती पर आते हैं और अपने…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १५ फरवरी २०२६ रविवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु कुम्भार्क ३ गते फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि ५/५ बजे तक तत्पश्चात चतुर्दशी तिथि रविवार शिवरात्रि महापर्व सूर्याेदय ६/५५…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 15 फरवरी 2025 को मनाया जाता है। इस दिन महाशिवरात्रि दुनिया भर के शिवभक्तों के लिए पूरे साल का सबसे महत्वपूर्ण…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। तीन दिन बाद महाशिवरात्रि है। हिंदू धर्म में इस पावन दिन पर की गई पूजा का बड़ा ही महत्व है। बता दें कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और मां पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। यह सादगी, वैराग्य और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। बेर मौसमी फल है, जो शिवजी के तपस्वी स्वरूप को दर्शाता है और दीर्घायु व सौभाग्य लाता है। इसके फायदे में पाचन क्रिया में सुधार, शरीर…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता हैकृएक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में। यह दिन भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना गया…