मेजर की धुआँधार फायरिंग से आतंकवादी दुम दबा के भागे…

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समाचार सच, हल्द्वानी। पूर्व सैनिक मोहन चंद्र पांडे, 4 कुमाऊं, मूल रूप से जनपद अल्मोड़ा के बाड़ेछीना के ग्राम दिगोली के निवासी हैं। वर्ष 1977 में कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हुए और 4 कुमाऊं में सेवारत रहे। वर्ष 1982 में उनकी शादी हुई। उनके यहाँ एक पुत्री और दो पुत्र पैदा हुए। उनके जेष्ठ पुत्र कमलेश ने केंद्रीय विद्यालय रानीखेत से वर्ष 2006 में कक्षा 12 उत्तीर्ण की और उसके बाद बीएससी में प्रवेश लिया। तभी उनका चयन भारतीय एयरफोर्स में हो गया और प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती चंडीगढ़ हुई। जहां उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने सीडीएस की परीक्षा पास करके भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण ले लिया। 9 जून 2012 में उन्हें 18 डोगरा रेजीमेंट में कमीशन मिला। मार्च 2014 में उनकी शादी संपन्न हुई और 26 अगस्त 2015 में उनकी पुत्री भूमिका का जन्म हुआ। मेजर कमलेश की बहुत इच्छा थी कि उनकी बेटी किसी भी राष्ट्रीय स्तर के किसी क्षेत्र में कुछ कर दिखाए।

पूर्व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बी एस रौतेला जी ने बताया कि कुछ समय के बाद मेजर कमलेश पांडे की तैनाती 62 राष्ट्रीय राइफल में हुई जो जम्मू कश्मीर के शोपियां में तैनात थी। वहां मेजर कमलेश पांडे ने बड़ी शिद्दत से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और कई आतंकवादियों को ढेर किया। दिनांक 2 अगस्त 2017 की रात को उन्हें सूचना मिली कि उनके इलाके में कुछ आतंकवादी घुस आए हैं। सूचना मिलने पर मेजर कमलेश पांडे अपनी क्विक रिएक्शन टीम के साथ कूच कर गए। रात का अंधेरा था। आतंकवादियों ने रास्ते में घात लगाया था। मेजर कमलेश सदैव किसी भी ऑपरेशन के लिए अपने दल के आगे रहते थे। उस दिन भी वे सबसे आगे वाली गाड़ी में ही थे। आतंकवादियों ने उनकी गाड़ी में मशीन गनों से जबरदस्त फायर किया। जिससे मेजर कमलेश और एक जवान बहुत ही गंभीर रूप से घायल हो गए। मेजर कमलेश ने फिर भी आतंकवादियों का डटकर सामना किया और उनको अपनी फायर से उलझाए रखा ताकि वे पीछे की गाड़ियों में फायर ना कर सके। इस पर आतंकवादी वहां से दुम दबा के भाग गए। मेजर कमलेश को गंभीर हालत में सेना अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां 3 अगस्त 2017 को भारत मां के वीर सपूत ने अंतिम सांस ली।

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उनके पिताजी गौरव सेनानी मोहन चंद्र जी कहते हैं कि उनका बेटा मातृभूमि की रक्षा करने में शहीद हुआ है। एक ओर बेटे को खोने का बहुत गम है लेकिन दूसरी ओर इस बात का गर्व भी है कि उनका बेटा राष्ट्र के काम आया जो सब के नसीब में नहीं होता है।

समाचार सच परिवार शहीद मेजर कमलेश पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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