आज ही के दिन शहीद हुए थे नायक पीताम्बर पाण्डे

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समाचार सच, हल्द्वानी। दिनांक 13 जुलाई 2003 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए नायक पीताम्बर पाण्डे का नाम भी सदैव अमर रहेगा। मूलरुप से जनपद अल्मोड़ा के धौलछीना ब्लाक के ग्राम कोट्यूणा, सल्ला भाटकोट निवासी श्री लीलाधर पांडे के सुपुत्र पीताम्बर पाण्डे ने प्रारम्भिक शिक्षा अपने गांव से ही की। उसके बाद राजकीय इण्टर कॉलेज शौकियाथल से वर्ष 1987 में हाईस्कूल की परीक्षा उर्तीण की और उसी वर्ष 28 दिसम्बर 1987 को कुमांऊ रेजिमेण्ट में भर्ती हो गये।

उत्तराखण्ड एक्स सर्विसेज लीग, जनपद नैनीताल के अध्यक्ष मेजर बी एस रौतेला ने बताया कि सिपाही पीताम्बर पाण्डे ने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत युद्ध के मैदान से की। जब वे रानीखेत में बेसिक प्रशिक्षण ले रहे थे उस समय श्रीलंका में ऑपरेशन पवन अपने शिखर पर था। प्रशिक्षण पूरा होते ही सिपाही पीताम्बर पाण्डे को ऑपरेशन पवन में श्रीलंका के लिए रवाना कर दिया गया। श्रीलंका में ऑपरेशन पूरा होने पर उन्हें 4 कुमांऊ में स्थानान्तरित किया गया ।

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सिपाही पीताम्बर पाण्डे एक आर्दश सिपाही थे। उन्हें समय-समय पर पदोन्नति भी मिलती रही। अब वे नायक के पद पर पदोन्नत हो गये थे। वे काफी तेज तरार एक्टिव उस्ताद भी थे। उनके फुर्तीलेपन और अनुशासन को देखते हुए उनके तत्कालीन कमान अधिकारी ने उन्हें अपनी क्विक रिएक्शन टीम का कमाण्डर भी नियुक्त किया था। दिनांक 13 जुलाई 2003 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान जम्मू-कश्मीर में इनकी टीम किसी खास मिशन के लिए जा रही थी और मिशन के दौरान नायक

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पीताम्बर पाण्डे शहीद हो गये। इनकी वीर नारी श्रीमती किरन पाण्डे अपनी दो पुत्रियों के साथ यहां निवास करती हैं।

समाचार सच परिवार शहीद नायक पीताम्बर पाण्डे की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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