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बदलते मौसम में बीमारियों से बचाएंगी किचन में रखी ये 5 चीजें

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। तापमान में अचानक बदलाव, मौसम में खुश्की की वजह से अक्सर लोग सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल जैसी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। लेकिन बात-बात पर दवाइयां खाने की बजाए आप कुछ नुस्खे अपना सकते हैं जिससे आपकी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बनेगी और आप बीमार पड़ने से बच जाएंगे।
बदलते मौसम में बीमार पड़ने से बचने के उपाय
आपने भी इस बात पर गौर किया होगा कि दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत का मौसम हर दिन तेजी से बदल रहा है। जैसे ही आपको महसूस होता है कि अब धूप तेज निकल रही है, तापमान में बढ़ोतरी हो गई है और ठंड में कमी आ गई है। वैसे ही बारिश हो जाती है और तापमान एक बार फिर कम हो जाता है और ठंड फिर से ठिठुरने पर मजबूर कर देती है। सोमवार शाम से लेकर रात तक दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश की वजह से एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और ठंड ने बता दिया है कि अभी कुछ दिन और आपको रजाई कंबल से छुटकारा मिलने वाला नहीं है।
बदलते मौसम में इम्यूनिटी बनाए रखना है जरूरी
इस तरह से जब मौसम में बदलाव होता है तो इसका सबसे ज्यादा असर आपकी इम्यूनिटी पर पड़ता है और अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आपका बीमार पड़ना तय है। तापमान में अचानक बदलाव, मौसम में खुश्की की वजह से अक्सर लोग सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल जैसी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। अगर समय रहते इन दिक्कतों का इलाज न किया जाए तो आगे चलकर ये ब्रॉन्काइटिस, अस्थमा, सीओपीडी जैसी समस्याओं में भी बदल सकती हैं। ऐसे में चेंजिंग वेदर यानी बदलते मौसम में अपना और अपने परिवार के सदस्यों का ख्याल रखने के लिए दवाइयों का सेवन करने की बजाए आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों को अपनाना ज्यादा कारगर साबित होता है। क्योंकि इन घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता और ये बीमारी को दबाने की बजाए जड़ से दूर करने में मदद करते हैं।
आपको बीमार पड़ने से बचाएंगी किचन में रखी ये 5 चीजें
छोटी इलायची या हरी इलायची

हमारे किचन में पाया जाने वाले सबसे बेहतरीन मसालों में से एक है हरे रंग की छोटी इलायची। यह देखने में भले छोटी हो लेकिन काम बड़े-बड़े करती है। सर्दी-खांसी, फ्लू, गला खराब, ड्राई कफ और कंजेशन की समस्या से परेशान हैं तो ऐंटिऑक्सिडेंट्स से भरपूर इलायची आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। आप चाहें तो इलायची वाली चाय का सेवन कर सकते हैं। या फिर एक कप पानी में 2-3 इलायची डालकर उबालें और फिर उसे छानकर उसमें शहद मिलाकर पी लें। इससे भी सर्दी-खांसी की समस्या दूर होती है और इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है जिससे आप बदलते मौसम में बीमार नहीं पड़ते हैं।
नींबू और शहद
अगर आपको खांसी आ रही है तब भी और अगर आप चाहते हैं कि चेंजिंग वेदर में खांसी आपको परेशान न करे तब भी…दोनों ही सूरतों में नींबू और शहद आपके बहुत काम आ सकता है। सर्दी-खांसी का इलाज करने के लिए शहद और नींबू का इस्तेमाल तो सदियों से होता आ रहा है और डॉक्टर भी दवाइयों के साथ इसका सेवन करने की सलाह देते हैं। इसके लिए 1 गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जुकाम में फायदा होता है। पका हुआ नींबू लेकर उसका रस निकाल लीजिए, इसमें शहद डालकर इसे गाढ़ा बना लें, इसमें इलायची का पाउडर मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है।
गुड़ खाएं
बदलते मौसम में अपनी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ अगर आप चाहते हैं कि आप बीमार न पड़ें, हमेशा स्वस्थ रहें और सर्दी-खांसी बुखार आपको छू भी न पाए तो गुड़ का सेवन करना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। रोजाना थोड़ा-सा गुड़ (करीब 5 ग्राम) खाएं। इससे फेफड़े साफ होते हैं और धमनियां भी साफ होती हैं। आप चाहें तो चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। रात में सोने से पहले भी गर्म दूध के साथ गुड़ खा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो खाना खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खा सकते हैं या फिर तिल के लड्डू में गुड़ डालकर भी खा सकते हैं।
हल्दी है गुणकारी
औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी जुकाम और खांसी से बचाव के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। यह बंद नाक और गले की खराश की समस्या को भी दूर करती है। ऐंटिऑक्सिडेंट्स और ऐंटिबैक्टीरियल गुणों से भरपूर हल्दी, छाती में फंसे म्यूकस को बाहर निकालने में मदद करती है। इसके लिए आप चाहें तो 2 चम्मच हल्दी पाउडर को 1 गिलास दूध में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। हल्दी वाला दूध पीने से कोल्ड में फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गर्म कर लें। इससे बंद नाक और गले की खराश दूर होगी। इसके अलावा हल्दी को पानी में उबालकर उससे गरारे करें या फिर हल्दी के पानी को पी भी सकते हैं।
खजूर का करें सेवन
खजूर एक ऐसा फूड आइटम है जो इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। आप चाहें तो सीधे खजूर का सेवन कर सकते हैं या फिर दूध में मिलाकर भी खजूर का सेवन किया जा सकता है। अगर वयस्कों के लिए बना रहे हों तो दूध में 5-10 खजूर उबाल लें। फिर खजूर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। बच्चों को 1-3 खजूर दे सकते हैं। 1 साल तक के छोटे बच्चों को खजूर डालकर उबाला हुआ दूध पिलाएं।

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