समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में जनजातीय क्षेत्रों के विकास और शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। केंद्र सरकार ने राज्य में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस संबंध में जानकारी दी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत उत्तराखंड में इस संस्थान की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
गौरतलब है कि राज्य में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में केंद्र सरकार से अनुरोध किया था, जिस पर अब सकारात्मक निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान की स्थापना से जनजातीय युवाओं के कौशल विकास, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस पहल से स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
सरकारी जानकारी के अनुसार, ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ किया जाएगा। यह संस्थान एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने में सहायक होगा।
इसके अलावा, यह पहल जनजातीय विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जैसे IIT, NIT और IIM में प्रवेश के लिए बेहतर मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने में भी उपयोगी साबित हो सकती है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस संस्थान के माध्यम से जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर विकास की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।



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