शहरी निकायों वाले राज्यों में उत्तराखण्ड बना तीसरा बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। भारत सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणामों की घोषणा कर दी है। 100 से कम शहरी निकायों वाले राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड तीसरा ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ बना है। जबकि दून ने जबरदस्त उछाल मारते हुए 124 वां स्थान हासिल किया। पिछली बार दून की 384 रैंक थी। दून नगर निगम को इस बार 260 रैंक का फायदा मिला। जो पूरे उत्तराखंड में सर्वश्रेष्ठ है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने यह पुरस्कार प्राप्त किये। केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ महोत्सव’ कार्यक्रम में कुल 129 शहरों को पुरस्कार प्रदान किए गए। हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम मार्च में आ जाता था। लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते इस बार परिणाम देर से जारी किए गए हैं। यह स्वच्छता सर्वे 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2020 तक चलाया गया था, जिसमें देहरादून को 3059 अंक प्राप्त हुए। राष्ट्रीय स्वच्छ्ता सर्वेक्षण 2020 की रैकिंग सूची में उत्तराखंड की नंदप्रयाग नगर पंचायत सिटीजन फीड बैक श्रेणी में देश में पहले स्थान पर रही है। जबकि छावनी क्षेत्र अल्मोड़ा ने राज्य को तीसरा पुरस्कार दिलवाया है। पिछले एक साल के दौरान राज्य के बड़े और प्रमुख शहरों ने भी अपनी रैकिंग में काफी सुधार किया है। देहरादून शहर की स्वच्छता के मामले में 384 रैकिंग थी, जो 124वीं हो गई है। रुड़की, काशीपुर, हरिद्वार और रुद्रपुर की रैकिंग में भी खासा सुधार है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले निकायों को बधाई देते हुए कहा कि निकायों इसी मनोयोग से आगे कार्य करना होगा। स्वच्छता के क्षेत्र में अभी बहुत सुधार की गुंजाईश है। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों एवं निकायों की रैंकिंग में अच्छा सुधार हुआ है। इसमें और बेहतर प्रदर्शन किये जाने पर उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को आगे बढ़ाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वच्छता के बल पर हम अनेक बीमारियों से बचाव सकते हैं। वहीं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों हेतु अत्यधिक गंभीरता से कार्य कर रही है। नगर निकायों को और भी अधिकार सम्पन्न बनाने एवं उनकी आय अर्जन के नए स्रोतों के विकास हेतु भी राज्य पर लगातार किया गया है। हमने निकायों को कहा कि स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कार्य किए जाएं। यहां तक कि 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत निकायों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान को भी सबसे पहले स्वच्छता कार्यों हेतु उपलब्ध करवाने संबंधी स्पष्ट दिशा- निर्देश जारी किए गए। इसका सीधा असर स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे प्रदर्शन पर पड़ा है।

यह भी पढ़ें -   अभी से तपने लगे हालात, बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति बनी बड़ी चुनौती


शहर और उनकी रैकिंग
शहर – 2020 – 2019
देहरादून 124 384
रुड़की 139 308
हल्द्वानी 229 350
हरिद्वार 244 376
रुद्रपुर 316 403

यह भी पढ़ें -   जंगल में आग लगाना अपराध के साथ साथ घोर पाप है।
Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440