समाचार सच, लालकुआं।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन हुआ। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतरे और अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर लालकुआं तहसील तक रैली निकाली। तहसील परिसर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की।
रैली का आयोजन वनाधिकार संगठन के बैनर तले किया गया। सुबह जड़ सेक्टर क्षेत्र में ग्रामीणों की भीड़ जुटी और वहां से रैली लालकुआं तहसील की ओर रवाना हुई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने के समर्थन में नारे लगाए।
बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की मांग को लेकर पिछले कुछ समय से पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा था। 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर पहले से क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा था।
ग्रामीणों ने बताई अपनी मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलने से क्षेत्र में विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति मिल सकती है। ग्रामीण लंबे समय से इस मांग को सरकार के सामने उठाते रहे हैं और अब वे इस मामले में स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।
तहसील परिसर में प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने सरकार से राजस्व गांव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अधिसूचना जारी करने की मांग रखी।
सरकार की ओर से मंत्री कैड़ा ने दिया भरोसा
प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। उनके अनुसार इस विषय को पूर्व में कैबिनेट की बैठक में भी लाया गया था।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को उन क्षेत्रों से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें पहले वन भूमि के गांव से राजस्व गांव का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के दस्तावेजों का अध्ययन कर शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
राम सिंह कैड़ा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही और कहा कि सरकार बिंदुखत्ता के मामले में रास्ता निकालने के प्रयास कर रही है।
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
रविवार को मौसम खराब रहने और बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों के रैली में पहुंचने से आंदोलन की सक्रियता नजर आई। स्थानीय संगठनों की ओर से इससे पहले भी 27 सितंबर की रैली की तैयारी को लेकर पदयात्राएं और जनसंपर्क अभियान चलाए गए थे।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग के साथ क्षेत्र में गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध निर्माण का मुद्दा भी आंदोलन से जुड़ा रहा है।
अब ग्रामीणों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांग पर ठोस निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं।

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