वजन घटाने और पाचनतंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। इसबगोल एक डायटरी फ़ाइबर है जो स्टूल और लैक्शेसन को बढ़ावा देने का काम करता है। कब्ज़ से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपचार के तौर पर इसका सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। इसे सैलियम हक्स यानी इसबगोल की भूसी भी कहते हैं. प्लांटागो ओवाटा नामक पौधे के ऊपर चिपके सफ़ेद रंग के पदार्थ को ही इसबगोल कहते हैं। इसमें 70 प्रतिशत घुलनशील और 30 प्रतिशत अघुलनशील फ़ाइबर पाया जाता है। यह मूलरूप से एशिया, भूमध्य क्षेत्र और उत्तरी अफ्रिका का निवासी है। यह पौधा देखने में गेहूं के जैसा होता है, जिसमें छोटी-छोटी पत्तियां और फूल होते हैं। यह जड़ी-बूटी की श्रेणी में आता है, इसलिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में वर्षों से होता आ रहा है। इसे वज़न घटाने और पाचनतंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इनके अलावा भी इसबगोल के कई फ़ायदे हैं, जिनके बारे में आपको यहां पर बताने जा रहे हैं –

वज़न कम करने में मददगार
इसबगोल का सेवन मोटापे से निज़ात दिलाने में भी हमारी सहायता करता है। इसके सेवन से एक तो आपको बार-बार भूख नहीं लगती है, जिसकी वजह से आप जंक खाने से बच जाते हैं। दूसरा यह कि इसके सेवन से पेट अच्छी तरह से साफ़ होता है। कई मामलों में देखा गया कि पेट ठीक से साफ नहीं होने से वज़न बढ़ता है। इसबगोल का पाउडर नींबू-पानी के साथ मिलाकर सुबह ख़ाली पेट पीने से भी वज़न कम करने में मदद मिलती है।

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शुगर कंट्रोल करता है
डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी इसबगोल फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें जिलेटिन होता है, जो शरीर में ग्लूकोज के टूटने और अवशोषण को धीमा कर देता है। इससे ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

डायज़ेशन बढ़ाता है
घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फ़ाइबर से भरपूर, इसबगोल आपके पेट में आंतों के माध्यम से भोजन की आवाजाही का मार्ग साफ़ करके मल त्याग को नियमित करने में मदद करता है। रात में सोने से पहले एक ग्लास छाछ में 2 टीस्पून इसबगोल मिलाकर ले सकते हैं। इसबगोल का सेवन बवासीर के लिए अच्छा होता है, यह अपने ऐंटी-इंफ़्लेमेटरी गुण के कारण बवासीर में होने वाली सूजन को भी कम करता है।

दस्त रोकने में मददगार
दस्त पेट में संक्रमण होने के कारण होता है. दस्त के दौरान आप इसे दही में मिलाकर लेते हैं तो यह दस्त को रोकने मे प्रभावी रूप से काम करता है। दही प्रोबायोटिक होता है जिससे पेट के संक्रमण को ज़ल्दी ठीक करने में मदद मिलती है. वहीं इसबगोल स्टूल को बांधने का काम करता है।

दिल के लिए फ़ायदेमंद
इसबगोल के इसका सेवन गुड कोलेस्टेरॉल को बढ़ाने और बैड कोलेस्टेरॉल को घटाने में मददगार होता है। कई सारे हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो इसबगोल का हीड्रोस्कोपिक गुण ख़ून से कोलेस्टेरॉल को कम करने में मदद करता है। यह आंतों में एक पतली परत बनाता है, जो भोजन में स्थित कोलेटरॉल को अवशोषित करने से रोकता है और कोलेस्टेरॉल को प्रभावी ढंग से कम करने में मदद करता है।

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त्वचा के लिए फ़ायदेमंद
इसबगोल को जब आप एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाते हैं तो इसमें मौजूद ऐंटी-इंफ़्लेमेंटरी गुण एक्ने से राहत पहुंचाने का काम करते हैं।

इसबगोल सेवन का सही तरीक़ा
इसबगोल को सीधेतौर पर ना लें। इसमें दूध, दही और पानी के साथ मिलाकर ही लेना चाहिए। रात में खाना खाने के बाद एक गिलास गर्म पानी में एक से दो टीस्पून इसबगोल की भूसी मिलाएं और पिएं। एक ग्लास दूध में 1 टीस्पून इसबगोल मिलाकर लेना चाहिए। इसे दही में मिलाकर भी खा सकते हैं।

इसबगोल के नुक़सान
इसबगोल के अधिक सेवन से आपको पेट दर्द, उल्टी और कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। दिन में 30 ग्राम से अधिक इसबगोल का सेवन ना करें। इसके अधिक सेवन से आपको भारीपन महसूस होगा और कप़ की भी दिक़्क़त हो सकती है। इसबगोल एक आयुर्वेदिक दवा है, इसलिए इसका सेवन बिना डॉक्टरी सलाह ना करें। (साभार: आरती सिंह)

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