सेहत के लिए क्यों ‘संजीवनी’ माना जाता है अदरक? जानें इसके चमत्कारिक गुण!

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुरूप काफी पहले से भारत और चीन में अदरक को मसाले एवं औषधि के रूप में उपजाया एवं इस्तेमाल किया जाता था। वर्तमान में लगभग हर घर में अदरक का इस्तेमाल किया जाता है, फिर चाहे वह चाय के रूप में हो, या चटखदार मसाला के रूप में।

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ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुरूप काफी पहले से भारत और चीन में अदरक को मसाले एवं औषधि के रूप में उपजाया एवं इस्तेमाल किया जाता था. वर्तमान में लगभग हर घर में अदरक का इस्तेमाल किया जाता है, फिर चाहे वह चाय के रूप में हो, या चटखदार मसाला के रूप में। सुपर फूड कहा जाने वाला अदरक मूलतः जड़ी-बूटी की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें कमाल के औषधीय गुण मौजूद होते हैं। हेल्थ विशेषज्ञों की मानें तो अदरक में फाइबर, विटामिन, प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स जैसे घटक प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हमारे शरीर की विभिन्न रोगों से रक्षा करते हैं। भूख की कमी, बदहजमी, वात-पित्त दोष, पथरी, एनीमिया, मूत्र रोग, सूजन, शरीर दर्द, सर्दी-खांसी, बुखार, माइग्रेन के साथ-साथ ह्रदय रोग, रक्त विकार, बवासीर जैसे असाध्य बीमारियों से भी अदरक राहत दिलाता है। यहां हम बात करेंगे कि अदरक का कितनी तरह से उपयोग करने से क्या-क्या लाभ मिल सकता है।

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सुबह की शुरुआत अदरक की चाय से
अदरक का स्वाद थोड़ा तीखा और कसैला होता है, लेकिन चाय में मिलकर चाय के स्वाद को लाजवाब बना देता है। सुबह-सवेरे अदरक की चाय तन-मन को तो स्फूर्ति देती ही है, साथ ही फ्लू, सर्दी-जुकाम, सिर-दर्द आदि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सर्दी जुकाम के लिए
एक प्याला दूध में 2 ग्राम अदरक का पाउडर मिलाकर पिएं। इससे जुकाम में लाभ होता है। इसके अलावा एक चम्मच अदरक के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से सर्दी-जुकाम के साथ सांसों की बीमारी से भी राहत मिलती है। इसके अलावा अदरक, 6-7 पत्ते तुलसी एवं चुटकी भर काली मिर्च का पाउडर भी सर्दी-जुकाम को दूर करता है।

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मासिक धर्म की समस्याएं
मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं के लिए तमाम दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अगर आप केमिकल युक्त औषधियों का प्रयोग नहीं करना चाहतीं तो आपके लिए अदरक रामबाण साबित हो सकता है। आधा छोटा चम्मच अदरक के रस में शहद मिलाकर पीने से काफी हद तक ऐंठन कम होगा।

जोड़ों में दर्द
अगर जोड़ों में दर्द की शुरुआत है तो आधा-आधा चम्मच अदरक पाउडर और शहद मिलाकर चाटने से आराम मिलता है। लेकिन अगर तकलीफ ज्यादा हो रही है तो आपको तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. यद्यपि अदरक के कोई साइड इफेक्ट नहीं होते, इसलिए इसका इलाज जारी रख सकते हैं।

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भूख बढ़ाने के लिए
भूख नहीं लग रही है, अथवा कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा है तो सोंठ (सूखा अदरक) के साथ पित्त पापड़ा को हलका सा भूनकर पीस लें। अब प्रत्येक दिन इसमें से 5 ग्राम मात्रा फांक कर पानी पी लें। अथवा दो ग्राम सोंठ का पाउडर लेकर गुनगुने पानी के साथ फांक लें गर्मी के दिनों में एक बार और सर्दी अथवा बरसात के समय दो बार लिया जा सकता है।

हृदय के लिए लाभदायक
चीनी चिकित्सा पद्धति में कहा जाता है कि अदरक के औषधीय गुण ह्रदय को मजबूत बनाते हैं। आधुनिक शोध भी यही दर्शाता है कि अदरक का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, रक्तचाप नियंत्रित होता है, तथा अवरुद्ध आर्टरियों तथा ब्लड क्लॉट्स से बचाता है, इस तरह यह आपको हृदयाघात से बचाता है।

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