क्यों मनाई जाती है नाग पंचमी, किस तरह प्रसन्न होते हैं भगवान शिव और नाग देवता

खबर शेयर करें

Why is Nag Panchami celebrated, how Lord Shiva and the serpent god are pleased

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी सावन महीने में शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है। इस साल 21 अगस्त को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन शिवभक्त नाग देवता की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिरों में नाग देवता का जलाभिषेक किया जाता है और उन्हें दूध चढ़ाया जाता है। इस दिन शिवभक्त उपवास भी रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। आइये जानते हैं पंडित इंद्रमणि घनस्याल से नाग पंचमी से जुड़ी कुछ अहम बातें।

यह भी पढ़ें -   देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ते अनैतिक कृत्यों के विरोध में कांग्रेस ने फूंका भाजपा सरकार का पुतला

नाग पंचमी का महत्व
हिंदू त्योहारों में नाग पंचमी का खास महत्व है। नाग शिव भगवान के गले का आभूषण है। नाग पंचमी पर जीवन में सुख-समृद्धि, खेतों में फसलों की रक्षा के लिए नाग देवता की पूजा की जाती है। नाग पंचमी के त्योहार पर नाग देवता के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा व रुद्राभिषेक करने से जीवन में कालसर्प दोष खत्म होता है। इस दिन नागों को अभिषेक कराने और उन्हें दूध चढ़ाने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी पर अगर घर के बाहर सांप का चित्र बनाया जाता है तो इससे नाग देवता की कृपा परिवार पर बनी रहती है।

यह भी पढ़ें -   बुजुर्ग महिला की चेन लूटने वाला निकला प्लम्बर, गिरफ्तार

इस दिन क्या करें और क्या ना करें

  • मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी पर उपवास रखना चाहिए, नाग देवताओं की पूजा करें, उनका जलाभिषेक करें, फूल व दूध चढ़ायें। साथ ही नाग मंत्र का भी जाप करें।
  • अगर कुंडली में राहु केतु भारी हैं, तो नाग पंचमी पर जरूर सांपों की पूजा करें। शिवलिंग या नाग देवता को दूध चढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दूध पीतल के लोटे में हो।
  • नाग पंचमी पर सूई धागे का इस्तेमाल करना भी अशुभ माना जाता है और इस दिन लोहे के बर्तन में भोजन नहीं बनाना चाहिए।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440