महिलाएं गुस्से को न दबायें

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। अधेड़ उम्र की महिलाएं गुस्सा न दवायें तो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा। प्रायः महिलाएं भीतर तो कुछ और सोच रही होती हैं और बाहर कुछ और ही दर्शाती हैं। कम उम्र में तो ऐसा फिर भी चल जाता है, लेकिन आगे चलकर यह सब नहीं चल पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि 60 बरस की उम्र होते – होते यह महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसा करने वाली महिलाओं को दिल का दौरान भी पड़ सकता है। 200 महिलाओं पर किये गये एक अध्ययन से यह परिणाम निकला है। मासिक चक्र से निजात पाने के बाद महिलाओं पर पूरे दस यह अध्ययन किया गया।
-विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाएं अगर अपनी दिखावे की आदत नहीं छोड़ेंगी तो उन्हें नुकसान हो सकता है। अक्सर वे अपनी सर्वाजनिक छवि बनाने में लगती रहती है। ऐसे में गुस्सा दबाने की उनकी कोशिश फायदे की बजाय नुकसान ही करती है।
-डॉक्टर का कहना है कि जो महिलाएं अपना गुस्सा दबाकर भीतर ही भीतर घुटकर चेहरे पर मुस्कुराहट खिलाए रहती हैं, वे दरअसल अपने लिये मुसीबत मोल ले रही होती हैं। इससे उनके शरीर पर बुरा असर पड़ता है।
-अध्ययन ने यह भी बताया है कि महिलाएं पुरूषांे के मुकाबले यूं भी अपना गुस्सा कम ही दबा पाती हैं। हां, वे कभी – कभी चिल्ला जरूर पड़ती है। इसलिए अब यह जरूरी है कि जब कभी गुस्सा आये, उसका इजहार भी कर लिया जाये।

Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440