समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत हजारों कर्मचारियों को समान कार्य के बदले समान वेतन दिलाने की दिशा में शासन ने सख्त कदम उठाया है। सैनिक कल्याण विभाग ने सभी विभागों के सचिवों और प्रमुख सचिवों को निर्देश जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर उपनल कर्मचारियों से संबंधित लंबित अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने और उसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, नैनीताल हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में उपनल कर्मचारियों को “समान कार्य के बदले समान वेतन” का लाभ देने के संबंध में आदेश जारी किए थे। हालांकि, कई विभागों में अब तक आवश्यक अनुबंध पूरे नहीं होने के कारण हजारों कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं।
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव युगल किशोर पंत द्वारा जारी पत्र में सभी विभागों से यह जानकारी भी मांगी गई है कि उनके यहां उपनल के माध्यम से कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, कितनों के साथ आवश्यक अनुबंध किए जा चुके हैं और कितने मामलों में प्रक्रिया अभी लंबित है। शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निस्तारण किया जाए।
उपनल कर्मचारी संगठन लंबे समय से नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाओं की मांग करता आ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतन और अन्य लाभों में असमानता का सामना कर रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विभागीय स्तर पर धीमी कार्रवाई के कारण मामला वर्षों से लंबित बना हुआ है।
शासन का मानना है कि विभागों से रिपोर्ट मिलने के बाद लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। यदि सभी विभाग तय समय में अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं तो पहले चरण में करीब 11 हजार उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के बदले समान वेतन का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

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