हल्द्वानी में 10 दिवसीय सरस आजीविका मेले का भव्य शुभारंभ, 250 स्टॉल्स में दिखी देश की कला और संस्कृति

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समाचार सच, हल्द्वानी। एमबी इंटर कॉलेज मैदान में 10 दिवसीय सरस आजीविका मेले का भव्य शुभारंभ शनिवार को विधायक बंशीधर भगत ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि यह मेला महिला सशक्तिकरण और आजीविका को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के साथ ही विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति को जानने-समझने का अवसर भी मिलेगा। यह 10 दिवसीय सरस आजीविका मेला न केवल स्थानीय कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसर लेकर आया है, बल्कि यह देशभर की विविध संस्कृतियों और पारंपरिक कलाओं का संगम भी प्रस्तुत कर रहा है।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेले में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मेले में देशभर से 250 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड के 117 और अन्य राज्यों के 74 समूहों के स्टॉल शामिल हैं। ये स्टॉल महिलाओं और कारीगरों को अपने उत्पादों को व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेंगे।

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पीएम मोदी के लोकल फॉर वोकल अभियान को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को साकार करने के लिए मेले में बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है। इससे किसानों और स्वयं सहायता समूहों को नई तकनीक और व्यापारिक अवसरों की जानकारी मिलेगी।

भव्य सांस्कृतिक संध्या और स्टार नाइट का आयोजन
छोलिया दल और आंचल कला केंद्र के कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
स्टार नाइट में कोक स्टूडियो के कलाकार दिग्विजय और कमला देवी ने अपनी रंगारंग प्रस्तुति से माहौल को संगीतमय कर दिया।

विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि यह मेला महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। वहीं, महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है और यह मेला नवाचार और संस्कृति के संगम का प्रतीक है।

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मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि मेले में किसानों और स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेषज्ञों द्वारा परिचर्चाएं और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, कृषि, शिल्प, हस्तकला और अन्य पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

देशभर के समूहों को मिला मंच
मेले में देशभर के 74 और उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। इसके अलावा, विभिन्न व्यवसायिक स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इस अवसर पर पूर्व महापौर जोगेंद्र सिंह रौतेला, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, सहायक परियोजना अधिकारी चंदा फत्याल, एसडीएम नवाजिश समेत अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।

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