नैनीताल में अवैध होमस्टे पर प्रशासन का शिकंजा, 238 जांच में 158 में मिली गड़बड़ी

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समाचार सच, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में बिना पंजीकरण और नियमों के विपरीत चल रहे होमस्टे संचालकों पर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर चलाए गए अभियान में जिलेभर में 238 होमस्टे की जांच की गई, जिनमें बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे की आड़ में होटल संचालन और व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने संयुक्त टीमों के साथ सघन निरीक्षण अभियान चलाया। रामनगर, कालाढूंगी, हल्द्वानी, नैनीताल, कैंची धाम और धारी क्षेत्रों में की गई जांच के दौरान 35 होमस्टे बिना वैध पंजीकरण संचालित पाए गए, जबकि 123 होमस्टे या तो बंद मिले अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत होटल की तरह संचालित होते मिले।

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निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर यह भी पाया गया कि होमस्टे संचालक स्वयं वहां निवास नहीं कर रहे थे और पूरी इकाइयों को किराए पर देकर व्यावसायिक संचालन किया जा रहा था। प्रशासन के अनुसार यह शासन की होमस्टे योजना की मूल भावना के खिलाफ है।

तहसीलवार जांच में नैनीताल क्षेत्र में 91 निरीक्षणों के दौरान 8 अवैध और 39 नियमों के विपरीत संचालित होमस्टे मिले। कैंची धाम क्षेत्र में 13 अवैध और 34 अनियमित होमस्टे पाए गए, जबकि धारी क्षेत्र में 4 अवैध और 22 मानकों के विपरीत संचालित मिले। रामनगर और कालाढूंगी क्षेत्रों में भी कई अनियमितताएं उजागर हुईं।

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प्रशासनिक टीमों ने निरीक्षण के दौरान पार्किंग व्यवस्था, किराया सूची, पर्यटक रजिस्टर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जांच की। इससे पहले मई माह में 197 होमस्टे की जांच में 169 इकाइयों में अनियमितताएं सामने आई थीं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी संचालकों को तत्काल पंजीकरण कराने और शासन द्वारा तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होमस्टे संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गौरतलब है कि प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध नैनीताल जिले में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों के ठहरने के लिए होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे संचालित किए जाते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है।

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