पिता की सीख को अपनाया, धरा को हरा-भरा बनाया

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तीन लाख पेड़ लगाकर आशुतोष ने कमाया पुण्य, लोगों के लिए बने प्रेरणास्रोत

समाचार सच, हल्द्वानी/नैनीताल। पिता की प्रेरणा से एक चिकित्सक में पर्यावरण के प्रति प्रेम जगा और अब तक वे हजारों पौधों का रोपण कर चुके हैं। जी हां आयुर्वेद चिकित्सक डा. आशुतोष पंत अपने पिता सुनील चन्द्र पंत से प्रेरणा लेकर आज से तीन दशक पूर्व से व्यक्तिगत संसाधनों से ही पौधारोपण करते आते रहे हैं और अभी तक हजारों पौधों का वितरण कर चुके हैं। वे अभी तीन लाख से उपर पौधे लगा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे पौधों का चयन किया जाता है जिनकी उम्र लंबी होती है वो कई सालों तक पर्यावरण की रक्षा करते हैं। ज्यादातर पहाड़ आजकल खाली पड़े हैं और जंगली जानवरों की वजह से खेती हो नहीं पा रही है। अखरोट के पेड़ों की आयु लम्बी होती है और ये आसानी से हो जाते हैं। अखरोट की बागवानी को बढ़ावा दिया जाय तो पर्यावरण संरक्षण के साथ ही उत्तराखंड की आर्थिकी को भी सुधारा जा सकता है। इसी क्रम में उन्होंने ओखलकांडा ब्लॉक के थराली गंगोलीगाड़, डालकन्या, लगर, देवनगर, कुमलता, भीड़ापानी, नारतोला, दुर्गानगर व धारी ब्लॉक के कनर्खा में अखरोट के पौधे भेंट किये। वहीं रौतेलकोट-जोशयुरा में समाजसेवी जगमोहन रौतेला के माध्यम से अखरोट के पौधे भेंट किये गये।
कार्यक्रम में चंदन शर्मा, हरीश कांडपाल, विपिन भट्ट, चंदन पनेरू व चंदन बिष्ट ने पौधा वितरण में सहयोग दिया।

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