समाचार सच, देहरादून। पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक के पंचूर गांव के रहने वाले आनंद सिंह बिष्ट की पहचान महज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तौर पर ही नहीं है, क्षेत्र में वह समाज सेवा के लिए भी प्रख्यात हैं। उन्होंने यमकेश्वर ब्लॉक में बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए गोरखनाथ महाविद्यालय की स्थापना की तो उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहे। अविभाजित उत्तर प्रदेश में वन विभाग से वन क्षेत्रधिकारी के पद से सेवानिवृत्त आनंद सिंह बिष्ट ने अपना जीवन गांव में ही बिताया।
उत्तराखंड राज्य के लिए आंदोलन में उन्होंने बढ़ चढ़कर भाग लिया। वर्ष 2018 में पौड़ी के तत्कालीन जिलाधिकारी ने उन्हें राज्य आंदोलनकारी घोषित किया था। वर्ष 1998 में उन्होंने पैतृक गांव पंचूर के समीप ही ग्राम बिथ्याणी में महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय की शुरुआत की। कला संकाय की कक्षाओं के साथ महाविद्यालय का संचालन शुरू हुआ। आनंद सिंह बिष्ट पूर्ण मनोयोग के साथ जहां महाविद्यालय में बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए प्रयासरत रहे, वहीं वे महाविद्यालय को राजकीय का दर्जा दिलाने की कोशिशों में भी जुटे रहे। उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2017 में महाविद्यालय को अनुदान देने का निर्णय लिया व 2018 में इस महाविद्यालय को राजकीय घोषित किया गया। योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई, लेकिन उन्होंने सुरक्षा लेने से इन्कार कर दिया। बाद में दो पुलिस कर्मी उनके साथ तैनात किए गए।
आनंद सिंह बिष्ट के करीबी मित्र कांडी गांव के धीर सिंह नेगी बताते हैं कि आनंद सिंह सामाजिक व्यक्ति थे। ठिंगा बांद, हरसोली काटल और सीला गांव में आज जो सड़क पहुंची है उसका श्रेय आनंद सिंह को जाता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बस सेवाओं के संचालन में भी उनका बड़ा योगदान रहा है। आज कोटद्वार से कांडी होते हुए जो बस हरिद्वार जाती है वह उनके सहयोग के बिना संभव नहीं थी। एक पिता के लिए इससे बड़ा गौरवशाली पल क्या होगा, जब उसका बेटा मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो। वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला तो उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट ने कहा था कि ‘योगी देश और समाज के लिए ही बने हैं’।
हालांकि पुत्र के संन्यास लेने से विचलित पिता उनसे मिलने गोरखपुर पहुंच गए। हालांकि जब उन्होंने योगी के समर्पण भाव को देखा तो सम्मान के साथ फैसले को स्वीकार भी कर लिया। 18 मार्च 2017 का दिन पौड़ी जिले के पंचूर गांव के लिए खास था। इस गांव का लाल उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बना तो पूरे यमकेश्वर ब्लॉक में जश्न मनाया गया। तब मीडिया से बातचीत में आनंद सिंह बिष्ट ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में योगी समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने के लिए आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इन दोनों के नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन नजर आएगा। योगी आदित्यनाथ के चचेरे भाई महेंद्र बिष्ट याद करते हैं कि 27 साल पहले वर्ष 1993 में जब उनके पुत्र अजय बिष्ट (संन्यास से पहले योगी आदित्यनाथ का नाम) घर छोड़कर गुरु के पास गोरखपुर गए तो आनंद सिंह कुछ व्यथित नजर आए थे। सूचना मिलते ही वह गोरखपुर रवाना हो गए। वहां उन्होंने पुत्र मुलाकात की, लेकिन जब बेटे ने अपना उद्देश्य बताया तो उन्होंने फैसले को सम्मान के साथ स्वीकार कर लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का जन्म 17 सितंबर 1932 को ग्राम पंचूर कांडी यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल) में जितार सिंह बिष्ट के यहां हुआ था। उस वक्त क्षेत्र में शिक्षा का ज्यादा विस्तार नहीं हुआ था। भृगुखाल और चमकोट खाल यमकेश्वर में उनकी शिक्षा-दीक्षा संपन्न हुई। 10वीं पास करने के बाद वर्ष 1957 में वह वन विभाग में लिपिक के पद पर नियुक्त हुए थे। बाद में उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण की और वन दारोगा बने और वर्ष 1990 में वह वन क्षेत्रधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए।
एक परिचय:
आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर के पद पर रहे। सेवा से रिटायर होने के बाद उन्होंने ट्रांसपोर्ट का संचालन भी किया। आनंद बिष्ट गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय विठ्यनी यमकेश्वर के संस्थापक अध्यक्ष 1997 से वर्तमान तक।
नाम आनंद सिंह बिष्ट
ग्राम-पंचुर, पौड़ी (उत्तराखंड)
उम्र लगभग 89
परिवार में पत्नी- श्रीमती सावत्री देवी
पुत्र – बड़ा मानेंद्र, योगी आदित्य नाथ (अजय सिंह बिष्ट), शैलेन्द्र मोहन, महेंद्र
एवम 3 पुत्रियां- पुष्पा देवी,कौशल्या देवी, शशि देवी।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


