आशा वर्कर्सों की हड़ताल जारी, कहा मांग पूरी न होने तक रहेगा कार्य बहिष्कार

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समाचार सच, हल्द्वानी। सरकार को चेताते हुए कहा कि उनकी मांगों के समाधान न होने तक तथा मासिक वेतन की मांग पूरी न होने तक उनका आन्दोलन जारी रहेगा इसी क्रम के चलते उनके कार्यबहिष्कार कर गुरूवार को भी हड़ताल जारी रही।

उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन 2 अगस्त से जारी कार्य बहिष्कार पर है उनकी मांग है कि सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम 21 हजार वेतन लागू करने, सेवानिवृत्त होने पर पेंशन प्रावधान, कोविड कार्य में लगी सभी आशा वर्करों कोरोना ड्यूटी की शुरुआत से 10 हजार रूपये मासिक कोरोना-भत्ता भुगतान समेत अन्य मांगों के साथ गुरूवार को चौथे दिन हुई सभा में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि सरकार को आशाओं का काम आंगनबाड़ी से करा रही है, जो तर्कसंगत नहीं है। इसके बजाय आंगनबाड़ी की तरह आशाओं को मानदेय दिया जाना चाहिए। इस हड़ताल को अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने भी समर्थन दिया। इस दौरान रीना बाला, सरोज रावत, भगवती बिष्ट, रेशमा, रीनू, मंजू, इंद्रा, दीपा बिष्ट, मनीषा, कमला, शाइस्ता, सहाना, माया, मीना, पुष्पा, रजनी समेत बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स मौजूद रही।

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