आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली गिलोय को अमृता के रूप में भी जाना जाता है

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। कोराना से बचने और इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आप गिलोय का भरपूर मात्रा में सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली गिलोय को अमृता के रूप में भी जाना जाता है। जी हां अमृत के नाम से जानी जाने वाली यह जड़ी बूटी इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के साथ कई रोगों से निजात दिलाने में भी कारगार सिद्ध होता है और आपको स्वस्थ रखता है। तो आइए जानते हैं क्या है गिलोय और इसके चौंका देने वाले फायदे जो आपको रखते हैं बीमारियों से कोसो दूर।

क्या है गिलोय
गिलोय एक कभी ना सूखने वाला पौधा है। इसका तना रस्सी की तरह होता है और इसके पत्ते पान के आकार के होते हैं। इसके साथ ही इसमें पीले और हरे रंग के फूल गुच्छे में निकलते हैं कहा जाता है कि नीम पर चढ़ी गिलोय अधिक फायदेमंद होती है। क्योंकि गिलोय एक ऐसा पौधा है जिस पेड़ पर इसकी लतें लगती हैं यह उसके भी गुण ले लेता है।

गिलोय के फायदे

इम्यूनिटी बूस्टर
गिलोय को इम्यूनिटी बूस्टर के नाम से भी जाना जाता है। गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बनाने में कारगार साबित होते हैं। रोजाना गिलोय का सेवन कर आप कई बीमारियों से निजात पाने के साथ इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं।

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तनाव से दिलाए निजात
आजकल की भागदौड़ भरी और कशमकश भरी जिंदगी में पता नहीं चलता कि कब तनाव हम पर हावी हो जाता है। ऐसे में आप गिलोय का सेवन कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। गिलोय तनाव को कम करने में मदद करता है। गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर से टॉक्सिन यानि विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। जिससे आपका दिमाग शांत रहता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। आप इसका रोजाना सेवन कर इसका लाभ उठा सकते हैं।

गठिया के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद
गिलोय में गठिया विरोधी गुण पाया जाता है जो गठिया के इलाज में मदद करता है। यदि आप गठिया से पीड़ित हैं तो आप रोजाना गिलोय का सेवन कर इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। इसमें सूजन को कम करने के साथ जोड़ों में दर्द को कम करने के कई गुण पाए जाते हैं जो आपको इस बीमारी से निजात दिलाने के लिए रामबांण सिद्ध होता है।

डायबिटीज टाइप-2 मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद
गिलोय डायबिटीज के रोगियों के लिए रामबांण सिद्ध होता है। गिलोय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। गिलोय ग्लूकोज के स्तर को कम करने के साथ ब्लड शुगर लेवल को भी कम करता है। यह ब्लड शुगर टाइप 2 मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है इस स्थिति में शरीर का इंसुलिन लेवल बढ़ जाता है जिससे ब्लड शुगर बढड जाता है। ऐशी स्थिति में आप गिलोय का रोजाना सेवन कर इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

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अस्थमा के मरीजों के मरीजों को करता है ठीक
आजकल सांस से संबंधित अस्थमा और दमा से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस अवस्था में गिलोय का सेवन आपको इस बीमारी से छुटकारा दिला सकता है। इस दौरान आप गिलोय की जड़ को चबा सकते हैं और इसको पानी में उबालकर पी सकते हैं जो आपको इस समस्या से निजात दिलाने में सहायक साबित होगा।

पाचनतंत्र को बनाता है मजबूत
गिलोय इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ हमारे पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाता है। गिलोय का रोजाना सेवन आपको गैस, कब्ज आदि पेट संबंधी समस्याओ से निजात दिलाता है। पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आप बाजार से महंगी दवाईयों के बजाए गिलोय का सेवन कर सकते हैं। रोजाना इसका सेवन हमारे पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है।

बुखार
गिलोय लंबे समय से रहने वाले बुखार के साथ बदलते मौसम के साथ होने वाली बीमारियों को दूर करने के लिए जादुई उपाय है। यह डेंगु मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारियों के लिए औषधि का काम करता है। इसके साथ ही यह बुखार के दौरान आपके प्लेटलेट्स और रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाने में कारगार साबित होता है। इसका रोजाना सेवन कर डेंगु मलेरिया और वायरल बुखार से बचा जा सकता है।

गिलोय को लेकर सावधानियां
यदि आपको रोजाना गिलोय के सेवन से कुछ परेशानियां हो रही हों तो आप डॉक्टर के सुझाव के बाद इसका सेवन करें। इसके साथ ही गर्भवती महिला को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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