मुंह बदबू आना, आंखों के नीचे काले धब्बे पड़ना, पेट में हमेशा दर्द रहना, भोजन का सही ढंग से नहीं पचना आदि लक्षण पाए जाते हैं लीवर इन्फेक्शन में, ऐसे करें आयुर्वेद से उपाए

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Bad breath, dark spots under the eyes, always having pain in the stomach, not digesting food properly, etc. are the symptoms found in liver infection, do such remedies with Ayurveda.

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आज कल हर व्यक्ति को पेट से सम्बंधित कुछ न कुछ परेशानी लगी रहती है। यह परेशानी लीवर में गड़बड़ी की वजह से अधिक होती हैं। खान पान पर विशेष ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसकी वजह से लीवर ख़राब हो जाता है। इसमें लीवर का फैटी होना, सूजन आ जाना और लीवर में इन्फेक्शन हो जाना शामिल है। यदि हमारा खाना ठीक प्रकार से नहीं पच रहा है या हमे पेट में किसी प्रकार की परेशानी आ रही हैं तो हमे समझ जाना चाहिए की ये लीवर की खराबी के लक्षण हैं। इसे अनदेखा करना घातक साबित हो सकता है।

ज्यादातर लीवर की खराबी अधिक तेल मसाले वाला भोजन, ज्यादा शराब पीने या बाहर का खाना अधिक खाने की वजह से होता है। लीवर की खराबी के कई लक्षण हो सकते हैं। इसमें मुंह बदबू आना, आंखों के नीचे काले धब्बे पड़ना, पेट में हमेशा दर्द रहना, भोजन का सही ढंग से नहीं पचना, त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ना, पेशाब या मल गहरे रंग का होना इत्यादि लीवर की खराबी के सामान्य लक्षण हैं। लीवर की खराबी का हमें जांच के बाद ही पता चल सकता है।

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यदि पाचनतंत्र में खराबी हो या लीवर पर वसा जमा हो या फिर वह बड़ा हो गया हो तो ऐसे में पानी भी नहीं हजम होगा। त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ने लगते हैं, जिससे “लीवर स्पॉट” भी कहा जाता है। अगर हमारा लीवर सही से कार्य नहीं कर रहा होता है तो बदबू भी आने लगती है, क्योंकी मुंह में अमोनिया ज्यादा रिसता है।

लीवर को स्वस्थ रखने के लिए स्वामी परमानन्द प्राकृतिक चिकित्सालय के प्रवक्ता डॉ सुबोध भटनागर कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में बताते हैं।

-रात को सोने से पहले दूध में हल्दी मिला कर पीयें। हल्दी में रोग निरोधक क्षमता होती है। यह हैपेटाइटिस बी व सी के कारण होने वाले वायरस को बढ़ने से रोकता है।

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-एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर और शहद मिला कर दिन में दो से तीन बार लें यह शरीर में मौजूद विषैले चीजों को निकालने में मदद करता है।

-आंवला विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है. यह लीवर को कार्यशील बनाने में मदद करता है। स्वस्थ लीवर के लिए दिन में 4-5 आंवलें का सेवन ज़रूर करें।

-पपीता पेट से सम्बंधित सभी रोगों क लिए एक रामबाण औषधि है. प्रतिदिन दो चम्मच पपीते के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलकर पीयें। इससे पेट सम्बंधित कई परेशानियों से निजात मिलता है। खासकर यह “लीवर सिरोसिस” में लाभकारी होता है।

-पालक और गाजर के रस का मिश्रण “लीवर सिरोसिस” के लिए फायदेमंद घरेलू उपचार है।

-सेब और हरी पत्तेदार सब्जी पाचन तंत्र में उपस्थित जहरीली चीजों को बाहर निकलने में और लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

-भुई – आंवला या भू-धात्री एक ऐसी औषधि हैं, जो हमारे लीवर को संपूर्ण सुरक्षा देता है. इसका प्रतिदिन सेवन करना चाहिए।

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