बनभूलपुरा के आमिर ने छुआ आसमान, हल्द्वानी के बेटे ने हासिल किया कमर्शियल पायलट लाइसेंस

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काठगोदाम के स्कूल से शुरू हुआ सफर, अब कमर्शियल पायलट बनकर लौटे घर, परिवार और पूरे इलाके ने किया भव्य स्वागत

समाचार सच, हल्द्वानी। हर सपना मंजिल तक नहीं पहुंचता, लेकिन जो सपने मेहनत और हौसले के साथ देखे जाते हैं, वे एक दिन आसमान जरूर छूते हैं। हल्द्वानी के बनभूलपुरा निवासी आमिर आलम अंसारी ने इसी बात को सच साबित करते हुए कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया है।

आमिर की इस उपलब्धि की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों तक हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है। परिवार के लिए यह सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और विश्वास का परिणाम है।

हल्द्वानी से शुरू हुआ उड़ान का सपना
आमिर ने अपनी स्कूली शिक्षा काठगोदाम के सेंट टेरेसा स्कूल से पूरी की। विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने बचपन के उस सपने को पूरा करने का फैसला किया, जिसमें वह आसमान में विमान उड़ाते हुए खुद को देखते थे।

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इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित चाइम्स एविएशन एकेडमी में प्रवेश लिया। कठिन प्रशिक्षण, सैकड़ों घंटे की फ्लाइंग और तकनीकी परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से कमर्शियल पायलट लाइसेंस जारी किया गया।

जब पायलट की वर्दी में घर पहुंचे आमिर…
कमर्शियल पायलट बनने के बाद जब आमिर पहली बार पायलट की वर्दी पहनकर अपने बनभूलपुरा स्थित घर पहुंचे तो वह पल परिवार के लिए बेहद भावुक था। घर पर फूल-मालाओं से उनका स्वागत हुआ। मां ने मिठाई खिलाकर बेटे की सफलता का जश्न मनाया, जबकि पिता जहीर आलम अंसारी ने बेटे को गले लगाकर उसकी मेहनत पर गर्व जताया। घर का माहौल किसी त्योहार से कम नहीं था। रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक लगातार बधाई देने पहुंचते रहे।

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युवाओं के लिए बनी मिसाल
आमिर की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने यह साबित किया है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो एविएशन या किसी भी बड़े प्रोफेशन में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।

पिता बोले- यह सब दुआओं और मेहनत का नतीजा
पिता जहीर आलम अंसारी ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि परिवार के सहयोग, शुभचिंतकों की दुआओं और आमिर की अथक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे की यह कामयाबी समाज के अन्य बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देगी।

आमिर आलम अंसारी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि हल्द्वानी और उत्तराखंड के युवाओं के लिए भी यह संदेश है कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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