समाचार सच, हल्द्वानी। मुख्यमंत्री के हल्द्वानी आगमन पर विरोध स्वरूप काले झंडे दिखा रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आगमन का विरोध किया और काले झंडे दिखाए। जिन्हें गौला पुल के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान उनका कहना था कि उत्तराखंड राज्य में कोरोना महामारी के कारण एक गंभीर स्थिति बन गयी है। काम बंद होने के कारण लाखों दिहाड़ी मज़दूर बेरोज़गार है और दूसरी तरफ एक लाख से ज्यादा उत्तराखंडी युवाओं को राज्य में मजबूरी में वापस लौटना पड़ा है। कोई भी आज कमा नहीं पा रहे हैं। लेकिन लोगों को राहत देने के बजाय सरकार अपना राजस्व वसूलने में लगी है। पानी और बिजली के बिलों पर राहत देने के बजाय बिजली के दाम बढ़ा दिए हैं। शायद यही प्रधानमंत्री का आपदा में अवसर वाले सूत्र का अर्थ है। यह बहुत शर्मनाक है कि जब जनता त्राहि त्राहि कर रही है तब सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय जनता पर महंगाई थोप रही है और मजदूर कामगार बेरोजगारों को भुखमरी के संकट की ओर धकेल दिया गया है। इससे बैकलॉग के हज़ारों रिक्त पड़े पदों पर भर्ती कर, बेरोजगारों को रोजगार देकर और महंगाई को कम करके निपटा जा सकता था, लेकिन यह करने के बजाय सरकार हवाई दावे और जुमलेबाजी कर रही है। हल्द्वानी की जनता को महंगाई और बेरोजगारी के साथ साथ अवैध ट्रंचिंग ग्राउंड के प्रदूषण का अतिरिक्त तोहफा भाजपा सरकार ने दे दिया है जिसके कारण लाखों लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है।
विरोध करने वालों में जिलाध्यक्ष नफ़ीस अहमद खान, मंडल अध्यक्ष सिराज अहमद, जिलाध्यक्ष आसपा मनीष गौतम, मोहन लाल आर्य, इरशाद अहमद, कैलाश चन्द्र, मोहम्मद फैसल, शानू आदि शामिल रहे।
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