समाचार सच, देहरादून डेस्क। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान
उत्तराखंड में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कथित नकली और भ्रामक डेयरी उत्पादों के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेश में डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह फैसला उन उत्पादों को लेकर लिया गया है, जिन्हें पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम और स्वरूप में बाजार में बेचा जाता है, जबकि उनमें दूध के बजाय वनस्पति वसा, तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।
विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय की ओर से जारी आदेश पूरे उत्तराखंड में लागू होगा। आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा और फिलहाल एक वर्ष या भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से इस संबंध में अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक प्रभावी रहेगा।
पैकिंग देखकर अब नहीं चलेगा खेल
विभाग के मुताबिक बाजार में ऐसे कई उत्पाद सामने आए हैं, जिनकी पैकेजिंग, नाम और स्वरूप असली डेयरी उत्पादों जैसा रखा जाता है। इससे आम उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकता है। खासकर पनीर, घी और मक्खन के नाम पर बिकने वाले ऐसे उत्पादों में गैर-दुग्ध सामग्री के इस्तेमाल को लेकर विभाग ने गंभीर चिंता जताई है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य केवल मिलावट पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना है कि वे जिस उत्पाद को दूध से बना हुआ समझकर खरीद रहे हैं, उसमें वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुरूप दुग्ध सामग्री मौजूद हो।
दुकानों से लेकर फैक्ट्रियों तक होगी जांच
आदेश लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग प्रदेशभर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाएगा। डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाइयों, गोदामों, थोक एवं खुदरा बाजारों के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की भी जांच की जाएगी।
संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें उत्पाद जब्ती, मुकदमा दर्ज करने और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और त्योहारों के दौरान प्रदेश में डेयरी उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में नकली या गैर-मानकीकृत उत्पादों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।
मानकों वाले उत्पादों को राहत
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि FSSAI के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किए गए फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कारोबारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही निर्माण और विक्रय किया जाए। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि खरीदारी के समय पैकेट पर दी गई लेबलिंग, सामग्री, निर्माण संबंधी जानकारी और लाइसेंस की जांच जरूर करें।
विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और भ्रामक तरीके से गैर-दुग्ध उत्पाद बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ आने वाले समय में भी कार्रवाई जारी रहेगी।


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