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हाईकोर्ट से दो मामलों में बड़ी राहत! बागेश्वर में शिक्षक भर्ती पर एक महीने में फैसला लेने के निर्देश, पटाखा कारोबारियों को भी राहत

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समाचार सच, नैनीताल डेस्क। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। बागेश्वर के फरसाली स्थित जनता इंटर कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के मामले में कोर्ट ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को लंबित आवेदनों पर एक महीने के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, दीपावली पर पटाखों का कारोबार करने वाले दो व्यापारियों को भी राहत मिली है। कोर्ट ने पुलिस द्वारा जब्त किए गए पटाखों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।

बागेश्वर जिले के फरसाली स्थित सहायता प्राप्त जनता इंटर कॉलेज में शिक्षकों के खाली पदों को भरने की अनुमति का मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा था। प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिका का निस्तारण कर दिया।

कोर्ट ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, बागेश्वर को निर्देश दिया कि प्रबंध समिति की ओर से दिए गए दोनों आवेदनों पर नियमानुसार निर्णय लिया जाए। इसके लिए आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से एक महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है।

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याचिका के अनुसार, जनता इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड विज्ञान का पद 27 जनवरी 2026 को रिक्त हुआ था। इसके बाद 26 मई 2026 को सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड गणित का पद भी खाली हो गया।

इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की अनुमति मांगते हुए प्रबंध समिति ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 20 फरवरी 2026 और 27 जून 2026 को आवेदन प्रस्तुत किए थे। समिति का कहना था कि दोनों आवेदन लंबे समय से लंबित हैं और शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

प्रबंध समिति ने इसी समस्या को उठाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग को निर्धारित समयसीमा में दोनों आवेदनों पर फैसला लेना होगा।

दूसरे मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने काशीपुर के दो पटाखा कारोबारियों को राहत प्रदान की है। दीपावली के दौरान बिक्री के लिए खरीदे गए पटाखों को पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के मामले में न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने निचली अदालतों के आदेश निरस्त करते हुए जब्त पटाखों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए हैं।

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मामले के अनुसार, काशीपुर निवासी विकास यादव और एक अन्य व्यक्ति दीपावली के अवसर पर पटाखों की बिक्री का कारोबार करते हैं। दोनों ने पिछले वर्ष त्योहार के दौरान बिक्री के लिए पटाखे खरीदकर एक गोदाम में रखे थे।

16 अक्टूबर 2025 को काशीपुर कोतवाली पुलिस ने गोदाम में रखे पटाखों को जब्त कर दोनों कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद कारोबारियों ने जब्त पटाखे वापस पाने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन दिया।

हालांकि, 18 अक्टूबर 2025 को निचली अदालत ने उनका आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद मामला आगे बढ़ा और हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने निचली अदालतों के आदेशों को निरस्त करते हुए जब्त पटाखों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। इस फैसले से दोनों कारोबारियों को राहत मिली है।

दोनों मामलों में हाईकोर्ट के आदेश महत्वपूर्ण हैं। एक ओर शिक्षक भर्ती से जुड़े लंबित आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए शिक्षा विभाग को समयसीमा दी गई है, वहीं दूसरी ओर पटाखा कारोबारियों को जब्त माल वापस पाने का रास्ता मिल गया है।

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