बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन शुरू, वन टाइम सेटलमेंट और समान वेतन की मांग

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15 से 20 साल से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने मंदिर के सिंहद्वार पर शुरू किया क्रमिक अनशन, एक सप्ताह का अल्टीमेटम; मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

समाचार सच, चमोली डेस्क।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बदरीनाथ धाम में आंदोलन शुरू कर दिया है। बुधवार से कर्मचारियों ने बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर क्रमिक अनशन शुरू करते हुए वन टाइम सेटलमेंट लागू करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से मंदिर समिति के अधीन विभिन्न मंदिरों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमितीकरण और वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।

मंदिर के सिंहद्वार पर रोजाना दो घंटे अनशन
आंदोलन के तहत अस्थायी कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक दो घंटे का क्रमिक अनशन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने फिलहाल एक सप्ताह तक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि इस दौरान यदि उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने पर भी विचार करेंगे। इससे मंदिर समिति प्रबंधन और शासन के सामने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की चुनौती बढ़ गई है।

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मुख्यमंत्री की घोषणा लागू करने की मांग
अस्थायी कर्मचारियों के अनुसार, केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान 11 अक्टूबर 2024 को अगस्त्यमुनि में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट और समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था करने की घोषणा की थी।

कर्मचारियों का आरोप है कि घोषणा के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उनमें नाराजगी बढ़ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नौकरी की स्थिरता, भविष्य और वेतन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

15 से 20 साल की सेवा के बाद भी नियमितीकरण का इंतजार
कर्मचारियों का कहना है कि वे बदरीनाथ, केदारनाथ सहित मंदिर समिति के अधीन अन्य मंदिरों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद नियमितीकरण का मामला लंबित है। उनका कहना है कि लंबे अनुभव और लगातार सेवाओं के बाद भी वेतन संबंधी असमानताओं का समाधान नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है।

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कर्मचारियों ने वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने और समान काम करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन देने की मांग दोहराई है।

ज्ञापन सौंपकर दी थी आंदोलन की सूचना
आंदोलन शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने बदरीनाथ में बीकेटीसी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी थी। इसके बाद बुधवार से क्रमिक अनशन शुरू किया गया।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।

अब मंदिर समिति प्रबंधन और शासन पर निगाहें
बदरीनाथ धाम में अस्थायी कर्मचारियों के आंदोलन के बाद अब उनकी मांगों के समाधान को लेकर मंदिर समिति प्रबंधन और शासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कर्मचारी उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी वर्षों से लंबित समस्याओं पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल कर्मचारी प्रतिदिन दो घंटे क्रमिक अनशन के जरिए अपनी मांगें उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में शासन और मंदिर समिति की ओर से क्या पहल होती है, इस पर आंदोलन की अगली दिशा निर्भर करेगी।

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