नैनीताल में भाई ने बहन को उतारा मौत के घाट, इस बात से था नाराज

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समाचार सच, हल्द्वानी/खनस्यूं। भाई ने अपनी बहन को अपनी उम्र से दुगुनी उम्र के व्यक्ति से प्रेम प्रसंग से कुपित होकर उसे मौत के घाट उतार दिया। नैनीताल पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी भाई के साथ दो को गिरफ्तार किया है।

ज्ञात हो कि 22 सितम्बर को शेर सिंह, पुत्र धरम सिंह, निवासी ग्राम कोटली थाना खनस्यू द्वारा थाने में लिखित तहरीर दी गई कि उनकी पुत्री गीता जो 17 सितम्बर को घर से पास के ही जंगल में मिट्टी लेने गई थी जिसके बाद वह घर वापस नही पहुंची। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ेन मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जिसकी विवेचना उप निरीक्षक विजयपाल को सौंप दी। पुलिस को 26 सितम्बर को सूचना प्राप्त हुई कि ग्रामवासियों जब उसके तलाश कर रहे थे इसी दौरान गीता का शव ग्राम कोटली में बांज के पेड़ों के नीचे मिला।
उक्त सूचना पर एसएसपी नैनीताल सहित थानाध्यक्ष खनस्यूं व फॉरेंसिक टीम मय फोर्स के घटनास्थल-ग्राम कोटली में बांज के जंगल में पहुंचे तथा एसएसपी नैनीताल के दिशा-निर्देशन में फॉरेंसिक टीम व पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया व आवश्यक कार्रवाई की गई।

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मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने पत्रकारों को बताया कि गुमशुदा गीता का उसी गांव के रहने वाले 35 वर्षीय युवक त्रिलोक सिंह, पुत्र चंदन सिंह निवासी कोटली, खनस्यूं का गीता के साथ सम्बन्ध थे, जिन्हें त्रिलोक की पत्नी ने गीता व अपने पति के एक साथ में बैठे हुए देख लिया था। जिसके उपरान्त त्रिलोक की पत्नी और गीता और उसकी माँ के बीच बहस हो गयी। इस घटना से गीता का 16 वर्षीय छोटा भाई काफी आवेशित हुआ। 17 सितम्बर को गीता घर के पास जंगल में मिट्टी लेने गयी थी। तभी उसके छोटे भाई ने जंगल के पहाड़ों की पगडंडी के किनारे अपनी गीता को पकड़ लिया और आवेश में आकर डुपट्टे से गीता गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को वही झाड़ियों में छुपा दिया और गीता के भाई ने अगले दिन त्रिलोक सिंह उपरोक्त के ऊपर दबाव बनाया कि यदि मृतका गीता का शव घटनास्थल से कही और छुपाने में उसने साथ नहीं दिया तो वह उसे भी गीता की हत्या की साजिश में फंसा देगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर मृतका गीता के शव को घटनास्थल के पास ही बांज के पेड़ों के पास छुपा दिया।

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पुलिस ने 2 अक्टूबर को उक्त मामले में गीता के भाई और शव को छिपाने में सहायता करने में त्रिलोक सिंह कोटलिया पुत्र चंदन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में सम्मिलित मृतका का भाई विधि विरुद्ध बालक को जे.जे. एक्ट के प्रविधानो के अनुसार उसके पिता/संरक्षक शेर सिंह को नियमानुसार रखा गया।
पुलिस टीम में-प्रभारी एसओजी राजवीर सिंह, थानाध्यक्ष बनभूलपुरा नीरज भाकुनी, मुक्तेश्वर कमित जोशी , उ0नि0 मनीषा सिंह, हे०कानि0 राजाराम, कानि0 ललित आर्या, जयकिशन राणा, पान सिंह, विनोद यादव शामिल थे।

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