समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आश्विन माह की एकादशी तिथि का खास महत्व है। इस दिन इंदिरा एकादशी व्रत रखा जाता है। पितृ पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को एकादशी श्राद्ध किया जाता है। इस साल एकादशी श्राद्ध 17 सितंबर को…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आश्विन माह की एकादशी तिथि का खास महत्व है। इस दिन इंदिरा एकादशी व्रत रखा जाता है। पितृ पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को एकादशी श्राद्ध किया जाता है। इस साल एकादशी श्राद्ध 17 सितंबर को…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। कैस्टर ऑयल कई बीमारियों को खत्म करने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसके कई सारे फायदे बताए गए हैं। कैस्टर गाढ़ा, चिपचिपा तेल होता है जो काफी तेजी से अब्जॉर्ब होता है। साथ ही ये…

श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षाऋतु सिंहार्क ३१ गते भाद्रपद मास चान्द्रमास से आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि मंगलवार सूर्योदय ६/१ बजे सूर्यास्त ६/११ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त ११/५५ बजे से…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्म कुंडली का नवम भाव (नवां घर) न केवल धर्म और भाग्य का सूचक होता है, बल्कि यह पूर्वजों की कृपा और उनसे जुड़ी इच्छाओं का प्रतिनिधित्व भी करता है। अगर इस…

मिस्टर डांडिया से लेकर डांडिया क्वीन तक… प्रतियोगिताओं से सजेगा संकल्प बैंकट हाल समाचार सच, हल्द्वानी। नवरात्र पर्व के शुभ अवसर पर वूमेन्स क्लब ऑफ उत्तराखण्ड की ओर से एक बार फिर पारंपरिक उल्लास और रंगारंग माहौल के बीच डांडिया…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। यह दिन पितृ पक्ष की अंतिम तिथि होती है और इसे सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण, श्राद्ध और दान करने से…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। यह श्राद्ध माताओं, दादी, परदादी और परिवार की अन्य दिवंगत विवाहित महिलाओं को समर्पित है। इस दिन श्राद्ध करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यतानुसार कुतुप काल…

श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षाऋतु सिंहार्क २९ गते भाद्रपद मास चान्द्रमास से आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रविवार सूर्योदय ५/५९ बजे सूर्यास्त ६/१४ बजे राहु काल ४/३० बजे से ६ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५५…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। श्राद्ध पक्ष में अष्टमी तिथि का श्राद्ध उन पूर्वजों के लिए किया जाता है, जिनका निधन अष्टमी तिथि को हुआ था। इस दिन विधिवत श्राद्ध कर्म करने से पितरों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद…