श्रीसंवत २०८० श्री शाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु मकरार्क ८ गते माघ मास चान्द्रमास से पौष शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि रविवार सूर्योदय ७/१२ बजे सूर्यास्त ५/३८ बजे राहु काल ४/३० बजे से ६ बजे तक अभिजीत मुहूर्त में १२…


श्रीसंवत २०८० श्री शाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु मकरार्क ८ गते माघ मास चान्द्रमास से पौष शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि रविवार सूर्योदय ७/१२ बजे सूर्यास्त ५/३८ बजे राहु काल ४/३० बजे से ६ बजे तक अभिजीत मुहूर्त में १२…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी अपने घर के बाहर नारियल के पेड़ लगाने की सोच रहे हैं। तो इससे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि घर के सामने…

श्रीसंवत २०८० श्रीशाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु मकरार्क ६ गते माघ मास चान्द्रमास से पौष शुक्ल पक्ष दशमी तिथि शनिवार सूर्योदय ७/१२ बजे सूर्यास्त ५/३६ बजे राहु काल ९ बजे से १०/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त में १२बजे से…

समाचार सच, जानकारी। वास्तु शास्त्र में घर के अंदर सीढ़ियों का होना उचित नहीं माना गया है। हालांकि आज के समय में ज्यादातर घरों में अंदर की तरफ ही सीढ़ियां बनी हुई हैं। वहीं, अगर घर में सीढ़ियां हों तो…

श्रीसंवत २०२४ श्रीशाके १९४५ श्री सूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु मकरार्क ५ गते माघ मास पौष मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ७/१३ बजे सूर्यास्त ५/३५ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे अभिजीत मुहूर्त दिन में १२ बजे…

श्रीसंवत २०८० श्रीशाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण शिशिर ऋतु मकरार्क ४ गते चान्द्रमास से पौष शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ७/१२ बजे सूर्यास्त ५/३५ बजे राहु काल १/३० से ३ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२ बजे से १२/३८…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। प्राचीन काल से तुलसी को घर में रखा जाता है। तुलसी के बहुत महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में…

श्रीसंवत २०८० श्रीशाके १९४५ श्री सूर्य दक्षिणायन शिशिर ऋतु मकरार्क माघ मास ३ गते चान्द्रमास से पौष शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि बुधवार सूर्योदय ७/१२ बजे सूर्यास्त ५/३४ बजे राहु काल १२ बजे से १/३० बजे तक। राशिफल Horoscopeमेष राशि धनार्जन…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस सृष्टि में सबसे ज्यादा पवित्र और करुणामयी सत्ता मां ही है। इसलिए भक्त भी ईश्वर को मां के रूप में पुकारते हैं। ऐसा करने से उन्हें ईश्वर की निकटता का जल्द अनुभव होता है और…