श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क १० गते पौष कृष्ण पक्ष नवमी तिथि मंगलवार सूर्योदय ७/१० बजे सूर्यास्त ५/१५ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…


श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क १० गते पौष कृष्ण पक्ष नवमी तिथि मंगलवार सूर्योदय ७/१० बजे सूर्यास्त ५/१५ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क ९ गते पौष कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि सोमवार सूर्योदय ७/९ बजे सूर्यास्त ५/१५ बजे राहु काल ७/३० बजे से ९ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष के मुताबिक, जब देवगुरु बृहस्पति और राहु एक ही राशि में आ जाते हैं, तो इसे गुरु-राहु की युति या चांडाल योग कहा जाता है। आम तौर पर, यह योग अच्छा नहीं माना जाता। इस…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में बेजुबान जानवरों की सेवा करना भी धर्म का कार्य माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जानवरों को भोजन करवाने से जातकों के घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। साथ…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिंदू धर्म में हर दिन किसी देवता को या ग्रह से संबंधित माना जाता है। वैसे ही सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। शास्त्रों में दिन के हिसाब से सामान खरीदने के बारे…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क ८ गते पौष कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि रविवार सूर्योदय ७/९ बजे सूर्यास्त ५/१४ बजे राहु काल ४/३० बजे से ६ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क ७ गते पौष कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि शनिवार सूर्याेदय ७/८ बजे सूर्यास्त ५/१४ बजे राहु काल ९ बजे से १०/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन हेमन्त ऋतु धनार्क ६ गते पौष कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ७/८ बजे सूर्यास्त ५/१३ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५० बजे से १२/३८…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आज के जमाने में लेने-देने एक आम बात है। चाहे घर में खत्म हुई शक्कर हो या कपड़े बुनने वाला धागा, कई बार जाने अनजाने में कुछ चीजें हम मुफ्त में या उधर के तौर पर…