समाचार सच, मसूरी। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में चिंतन शिविर 2025 चल रहा है। चिंतन शिविर के समापन सत्र में देर सायं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक सरदार पटेल भवन सभागार में जब पहुँचे। तब इसी दौरान सीएम अन्य अधिकारियों के मध्य बैठकर एक श्रोता के रूप में विचारों को सुनने लगे। जो वहां चर्चा का विषय बन गया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सीएम पुष्कर सिंह धामी आज अचानक चिंतन शिविर में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बेहद गंभीरता के साथ प्रस्तुतिकरण को देखने के साथ ही अधिकारियों के विचारों और सुझावों को सुना। सभागार में सबसे पीछे की पंक्ति में बैठकर अधिकारियों व विशेषज्ञों का विचार पूरी गंभीरता से सुना। तीन दिवसीय चिंतन शिविर में चल रहे वैचारिक मंथन पर सीएम की सीधी नजर है।
वहीं एक दिन पहले शिविर का आयोजन करते हुए सीएम धामी ने कहा था कि जरा सा भी कुछ विवादित न निकले, इसलिए उन्हें सोचना पड़ता है। वह कम बोलते हैं। डेढ़ साल से उनके मुंह से कुछ भी विवादित नहीं निकला। उन्होंने यह भी कहा कि वह काली नदी के किनारे पैदा हुए हैं। शारदा के किनारे बचपन गुजारा। इस नदी और उनके खटीमा स्थित घर के बीच सिर्फ सड़क है। शारदा में बल्छी में कांटा और उसमें केंचुआ-आटा लगाकर खूब मच्छी मारी हैं। यह उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बल्छी में वहीं मच्छी फंसती है, जो मुंह खोलेगी।
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